बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आ रही है। सिनेमाई दुनिया ने अपने एक ऐसी दिग्गज को खो दिया है, जिसने सत्यजीत रे के साथ मिलकर न जाने कितनी फिल्मों को यादगार बनाया था। दरअसल, सत्यजीत रे के साथ काम करने वाले दिग्गज सिनेमैटोग्राफर
सौमेंदु रॉय का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सौमेंदु रॉय को सत्यजीत रे की क्लासिक फिल्मों में अपने फ्रेम को अमर बनाने के लिए याद किया जाएगा। उनके निधन की खबर ने सभी को तोड़ दिया है।
ऐसे हुई थी सत्यजीत रे से मुलाकात
सत्यजीत रे के साथ सौमेंदु रॉय की मुलाकात 'पाथेर पांचाली' के सेट पर हुई थी। सत्यजीत रे ने तकनीशियनों के स्टूडियो से मिशेल कैमरा किराए पर लिया था, जहां सौमेंदु एक ट्रेनी के रूप में काम करते थे। रॉय को स्टूडियो की ओर से कैमरा केयरटेकर का काम सौंपा गया था। उस समय, उन्होंने केवल अभिनेता कनु बंद्योपाध्याय को सत्यजीत रे और उनके 'पाथेर पांचाली' के सिनेमैटोग्राफर सुब्रत मित्रा के बारे में किसी से बात करते हुए सुना था।
21 फिल्मों में किया सत्यजीत रे के साथ काम
इसके बाद सौमेंदु रॉय, सत्यजीत रे की टीम में शामिल हो गए थे। टीम में शामिल होने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि सत्यजीत रे एक पारंपरिक बंगाली फिल्म बना रहे थे। तब उन्हें इस बात की जरा भी उम्मीद नहीं थी कि एक दिन उन्हें सत्यजीत रे की 21 फीचर फिल्मों, चार डॉक्यूमेंट्री और एक शॉर्ट फिल्म की सिनेमेटोग्राफी संभालनी पड़ेगी। लेकिन उन्होंने सब किया और बड़े ही काबिल तरीके से किया।
अपने घर पर ली अंतिम सांस ली
सौमेंदु रॉय को 'सोनार केला', 'तीन कन्या', 'अरण्येर दिन रात्रि', 'अशनी संकेत', 'कपुरुष-महापुरुष', 'सीमाबद्ध', 'हीरक राजार देशे', 'गोपी गाइन बाघा बाइन' और 'शतरंज के खिलाड़ी' में उनकी सिनेमेटोग्राफी के लिए जाना जाता है। सौमेंदु रॉय ने दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर अंतिम सांस ली।