इतना हंगामा क्यों?
कैलाश खेर ने आगे कहा- बाद में ट्विटर से वो लोग भी जुड़े जिन्हें नहीं पता था कि ट्विटर क्या होता है। कैलाश आगे कहते हैं- ब्लू टिक प्रीविलेज्ड के हिस्से में आने लगे। अब कोई भी प्रीविलेज फ्री में मिलने लगे, तो उसकी वैल्यू खत्म होने लगती है। यह कमर्शियल प्लैटफॉर्म है, अब जिसने खरीदा है, उसने भी पैसे देकर ही खरीदा है, तो उनका पूरा अधिकार है कि वो लोगों से पैसे मांग सकते हैं। यह एक अच्छी शुरुआत है, अब ब्लू टिक वाला जो भी होगा वो गरीब तो होगा नहीं कि वो पैसे न दे सके। तो इसमें इतना हंगामा करने की क्या बात है।
फ्री में चीजें इस्तेमाल करने की बुरी मानसिकता
कैलाश खेर ने आगे कहा- जब पैसा देने की बात होती है तो लोग निराश हो जाते हैं। हमारे देश में लोगों की फ्री में चीजें इस्तेमाल करने की ऐसी मानसिकता है जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने कहा जब आप किसी चीज को फ्री में अपनाते हैं तो बस वहीं से आपकी आजादी छिन जाती है।