राजनीतिक मुद्दों पर बनी फिल्मों के लिए रिलीज अक्सर आसान नहीं होती। ऐसा ही कुछ इन दिनों उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पृष्ठभूमिक पर बनी फिल्म शोरगुल (निर्देशकः जितेंद्र कुमार और पी.सिंह) के साथ होता दिख रहा है। फिल्म को सेंसर का प्रमाण पत्र मिलने के बाद से इसके निर्माताओं द्वारा यूपी के राजनीतिक/प्रशासनिक हलकों से टेलीफोन आ जा रही है।
यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत उनकी पार्टी के कई नेता फिल्म को रिलीज से पहले देखना चाहते हैं। फिल्म की कहानी के केंद्र में 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे हैं। इस पॉलिटिकल ड्रामा में आशुतोष राणा, जिमी शेरगिल और संजय सूरी जैसे कलाकार हैं। फिल्म निर्माता कंपनी 24एफपीएस फिल्म्म की समीरा केलकर ने यूपी से फोनकॉल आने की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें दफ्तर जला देने की धमकी दी गई है।
फिल्म 24 जून को रिलीज होगी। केलकर ने माना कि शोरगुल पूरी तरह से राजनीतिक फिल्म है। मगर उन्होंने कहा कि इसमें जो भी दिखाया गया है वह वास्तविक सबूतों के आधार पर रचा गया है। फिल्म लोगों के सामने सच्चाई लाएगी। फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें तो शोरगुल में बाबरी ध्वंस और गोधरा दंगों की बातें की गई हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से खलबली है।