बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने गुरुवार यानी 29 जुलाई को 29 मीडिया हाउस के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा किया है। इस मामले में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा है कि सूत्रों के हवाले से अगर मीडिया खबर चला रहा है कि तो वो गलत कैसे है।
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने गुरुवार यानी 29 जुलाई को 29 मीडिया हाउस के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा किया है। इस मामले में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा है कि सूत्रों के हवाले से अगर मीडिया खबर चला रहा है कि तो वो गलत कैसे है।
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हाईकोर्ट ने वकील से ये भी कहा है कि ' आपके क्लाइंट के पति के खिलाफ एक मामला है और इसमें यह अदालत किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं करेगी। आप का क्लाइंट कोई भी हो सकते हैं, लेकिन मानहानि के लिए एक कानून है।' बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने कहा है पोर्नोग्राफी केस में झूठी रिपोर्टिंग के जरिए उनकी छवि खराब की जा रही है।
हाईकोर्ट ने कहा, क्या आप चाहते हैं कि कोर्ट बैठकर हर एक खबर के लिए मीडिया संस्थानों की तरफ से इस्तेमाल किए गए सूत्रों की जांच करे। पुलिस सूत्रों के आधार पर बनी खबरों को दुर्भावना से भरा या अपमानजनक नहीं कहा जा सकता। अगर आप इस बारे में हमसे कुछ अपेक्षा रखते हैं तो इसके प्रेस की आजादी पर बेहद गंभीर नतीजे हो सकते हैं। अगर कोई शिल्पा शेट्टी के बारे में कुछ कहता है तो यह बड़ी बात हो जाती है? ऐसा क्यों? इसमें ऐसी कौन सी बड़ी बात है?
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हाईकोर्ट ने कहा कि अगर आप सार्वजनिक जीवन जीते हैं तो उसके कुछ अंजाम होते हैं। लोग आपकी जिंदगी में दिलचस्पी रखते हैं। किसी का यह लिखना अपमानजनक कैसे हो सकता है कि शिल्पा को रोना आया था और उनका पति से झगड़ा हुआ था? हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि प्रेस की आजादी और निजता के अधिकार के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।