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‘मुझे सही डायग्नोसिस नहीं मिला था…’, शमिता शेट्टी किस बीमारी से महीनों तक परेशान रहीं? साझा की अपनी तकलीफ

Fri, 10 Jul 2026 03:43 PM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Shamita Shetty Talk About Her Endometriosis Problem: कम ही एक्ट्रेसेस होती हैं, जो अपनी हेल्थ प्रॉब्लम्स के बारे में खुलकर बाेलती हैं। हाल ही में एक्ट्रेस शमिता शेट्टी ने महिलाओं में जागरुकता लाने के लिए अपनी एंडोमेट्रियोसिस और पेरिमेनोपॉज की समस्या पर बात की। 

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शमिता शेट्टी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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शमिता शेट्टी ने हाल ही में एक्ट्रेस सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में अपनी हेल्थ प्रॉब्लम्स का, उनके इलाज का खुलकर जिक्र किया। लगभग आठ महीने तक वह परेशान रहीं, अपनी बीमारी की वजह तलाशती रहीं, क्योंकि उन्हें लंबे वक्त तक अपनी बीमारी के लक्षणों का पता ही नहीं चला। वह डॉक्टर्स के चक्कर काटती रहीं। आखिर में जाकर उन्हें सर्जरी कराने का फैसला लिया। इस पूरे अनुभव का जिक्र शमिता शेट्टी ने सोहा अली खान के पाॅडकास्ट पर किया। 

शुरुआत में समस्या का पता ही नहीं चला

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शमिता पाॅडकास्ट में कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि मेरे मामले में मैंने इसे काफी समय तक अपनी समस्या को नजरअंदाज किया। शुरुआत में मुझे सही डायग्नोसिस नहीं मिला था। जब भी मुझे कुछ लक्षण महसूस होते तो मैं खुद से कहती कि शायद यह नॉर्मल है। जब मैं पहली बार अपनी गायनेकोलॉजिस्ट के पास इन दिक्कतों को लेकर गई, तो उन्होंने सभी रूटीन टेस्ट किए, जैसे पैप स्मीयर और बाकी चीजें, जिससे यह पक्का हो सके कि सब ठीक है।’
शमिता आगे कहती हैं, ‘जब वे रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं, तो किसी ने यह नहीं सोचा कि क्या कोई और समस्या हो सकती है। बात वहीं खत्म हो गई। इसलिए जब भी लक्षण वापस आते तो मैं सोचती कि पिछली बार तो कुछ नहीं निकला था, तो शायद यह नॉर्मल है। शायद यह हर महिला के साथ होता होगा।’  

 

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शमिता शेट्टी - फोटो : सोशल मीडिया

जब दर्द बढ़ा तो सर्जरी कराने की नौबत आई 
शमिता ने कुछ महीने यही सोचकर निकाल दिए कि उनको कोई बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम नहीं। वह आगे कहती हैं, ‘हम जो दर्द महसूस करते हैं, उसे असल में जाहिर नहीं करते हैं। बहुत सी चीजें, चाहे वह पीरियड का दर्द हो या हार्मोन से जुड़ी कोई बात, औरतों के लिए नॉर्मल मान ली जाती हैं। हमसे बस यही उम्मीद की जाती है कि हम उनके साथ ही जिएं। मेरे मामले में, सर्जरी से लगभग छह से आठ महीने पहले दर्द की तीव्रता सच में बहुत बढ़ गई थी।’ 
शमिता आगे कहती हैं, ‘मैं भी बहुत कन्फ्यूज्ड थी क्योंकि यह सब उसी समय हुआ जब मैं पेरिमेनोपॉज के बारे में जान रही थी। मेरे हार्मोन्स में पहले से ही बहुत बदलाव हो रहे थे, इसलिए मैं समझ नहीं पा रही थी कि जो मैं महसूस कर रही हूं, वह पेरिमेनोपॉज का ही हिस्सा है या कुछ और गड़बड़ है।’ 
बाद में शमिता को एंडोमेट्रियोसिस प्रॉब्लम का पता चला और उनको सर्जरी करवानी पड़ी। 

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