अभिनेता शहजाद खान बॉलीवुड 'फिल्म अंदाज अपना अपना' और टीवी शो 'शाका लाका बूम बूम' में अपनी यादगार भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं। दर्शकों ने उनके प्रदर्शन को पसंद किया। शहजाद ने दावा किया है कि 'अंदाज अपना अपना' और 'शाका लाका बूम बूम' के लिए उनका भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता के विलेन की भूमिका निभाने की वजह से उनके बचपन पर कैसा असर पड़ा।
पैसे ना देने वाला याद रहता है
'शाका लाका बूम बूम' में अपने अभिनय को याद करते हुए, शहजाद ने खुलासा किया, 'उसके पैसे आज तक नहीं मिले। जिनके पैसे नहीं मिले वो प्रोजेक्ट सुपरहिट हुए। जिसने आपको पैसे दिए आप उसे ज्यादा याद नहीं रखते लेकिन जिसने आपको चोट दी है, जिसने आपको पैसे नहीं दिए वो आपको मरते दम तक याद रहेगा।'
शहजाद खान
- फोटो : एएनआई
'अंदाज अपना अपना' के लिए नहीं मिले पैसे
उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें 'अंदाज अपना अपना' के लिए भी भुगतान नहीं मिला। शहजाद ने कहा 'उसके (अंदाज अपना अपना) भी पैसे नहीं मिले। स्टाफ ने मुझसे ज्यादा कमाई की। पिछले दिनों मैं अपने स्टाफ से ही कहता था, 'तू 100 दे, 200 दे,' क्योंकि वो प्रति दिन पे थे और मैं कॉन्ट्रैक्ट पे। मुझे जो साइनिंग अमाउंट मिल गया, बस वही था।' अभिनेता ने दावा किया कि इसके बाद वह और फिल्म के निर्माता परिवार की तरह हो गए। वह उनके साथ बाहर घूमने भी गए।
पिता के रोल का बचपन पर पड़ा असर
अभिनेता शहजाद खान ने बताया कि कैसे उनके पिता की स्क्रीन पर विलेन वाली मशहूर इमेज का उनके बचपन पर असर पड़ा। शहजाद ने कहा, 'लड़कियां मुझसे बहुत डरती थीं। वे कहती थीं, 'इसका बाप अच्छा आदमी नहीं है। वह हीरोइन की मां को किडनैप कर लेता है, हीरोइन के साथ बदतमीजी करता है, हीरो को मारता-पीटता है।''
शहजाद खान
- फोटो : एएनआई
विलेन के लिए मशहूर थे पिता
- बता दें कि शहजाद खान के दिवंगत पिता अजीत खान हिंदी सिनेमा के सबसे जाने-माने विलेन में से एक थे।
- वह बेरहम गैंगस्टर, स्मगलर और ताकतवर विलेन के रोल निभाने के लिए मशहूर थे।
- अपने खास अंदाज में डायलॉग बोलने की वजह से, वह ऐसे विलेन की पहचान बन गए, जो खतरनाक लगता था।
- 'जंजीर' और 'यादों की बारात' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने उस दौर के सबसे यादगार विलेन के तौर पर मशहूर किया।