फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलमान के सामने नहीं टिक पा रहे शाहरुख, बेबस भटक रहे हैं

Fri, 15 Apr 2016 11:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
विज्ञापन
सितारा कितना ही चमकीला हो, बॉक्स ऑफिस का भाग्यविधाता दर्शक है। बाजीराव मस्तानी के सामने दिलवाले की पराजय के बाद शाहरुख खान ने ईद पर सलमान खान से न टकराने का फैसला किया है। लेकिन अब उन्हें ऐसा शुक्रवार ढूंढने में समस्या आ रही है, जहां वह अपनी फिल्म सुरक्षित ढंग से रिलीज करा सकें।
विज्ञापन


शाहरुख खान को बॉक्स ऑफिस पर अपने चाहने वालों के लिए फैन ला रहे हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो उनकी चिंता इस फिल्म से ज्यादा अगली फिल्म रईस की हैं। रईस इस साल ईद पर रिलीज की दौड़ में थी मगर सलमान खान की सुल्तान के आगे वह कितनी टिकेगी, यह शाहरुख अपनी पिछली भूल (दिलवाले) से समझ गए। इसीलिए हाल में उन्होंने कहा कि अगर उन्हें (सुल्तान की टीम) लगता है कि ईद सिर्फ सलमान के नाम रहे तो यही सही। वह नहीं चाहते कि सुल्तान और रईस टकराएं। शाहरुख की यह बात उनके व्यक्तित्व में बड़े परिवर्तन के रूप में देखी जा रही है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि उन्होंने दूसरे की फिल्म के लिए अपनी तारीखें आगे-पीछे की हों।

शाहरुख की बातों का यही मतलब लिया जा रहा है कि वह अब जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार बीती दिवाली पर दिलवाले ने शाहरुख को जो बॉक्स ऑफिस झटका दिया, वह उसे किसी तरह भूल नहीं पा रहे हैं। 50 पार कर चुके शाहरुख की दिलवाले युवा सितारों रणवीर सिंह-दीपिका पादुकोण की बाजीराव-मस्तानी के सामने रिलीज हुई थी। समीक्षकों और दर्शकों ने बाजीराव-मस्तानी को पसंद किया था। जबकि दिलवाले के बारे में लगातार नकारात्मक टिप्पणियां होती रहीं।
विज्ञापन


इससे साफ हो गया कि शाहरुख ऐसे सितारे नहीं रह गए जिनके सामने कोई नहीं टिकता। वास्तविकता अब यह है कि शाहरुख अपने लिए ‘सुरक्षित’ जगह ढूंढ रहे हैं।

जोखिम उठाने से बच रहे हैं शाहरुख

माना जा रहा है दिलवाले से शाहरुख ने सबक सीखा कि दर्शक अब सिर्फ अच्छे सिनेमा के ‘फैन’ हैं। सितारों का चुंबक एक सीमा के आगे काम करना बंद कर देता है। उल्लेखनीय है कि बाजीराव-मस्तानी के निर्माताओं ने महीनों पहले अपनी फिल्म की रिलीज डेट घोषित की थी लेकिन शाहरुख अपने स्टारडम के अहंकार में उसी तारीख के लिए अड़ गए थे।

उन्हें अंधविश्वास था कि 41 बरस की काजोल के साथ उनकी जोड़ी को देखने के लिए दर्शक टूट पड़ेंगे। परंतु ऐसा नहीं हुआ। दिलवाले के देश में फ्लॉप होने के बाद शाहरुख के सुर बदले। कुछ समय बाद उन्होंने माना कि दिलवाले से उन्हें निराशा मिली। इसके बाद उनके और दिलवाले के निर्देशक रोहिट शेट्टी के बीच मनमुटाव की खबरें भी आईं।

खैर, रईस की सुल्तान से भिडंत टलने के साथ यह समस्या आ गई है कि शाहरुख की फिल्म के लिए नया शुक्रवार कौन सा होगा? सूत्रों के अनुसार शाहरुख और फिल्म निर्माता 29 जुलाई या 12 अगस्त की तारीख पर विचार कर रहे हैं। मगर 29 को जॉन अब्राहम-वरुण धवन स्टारर ढिशूम आ रही है और 12 को ऋतिक स्टारर मोहनजोदड़ो। बीच की पांच अगस्त को अक्षय कुमार अपनी फिल्म रुस्तम ला रहे हैं।
विज्ञापन

शाहरुख नहीं मिल रही फिल्म रिलीज कराने को तारीख

बताया जाता है कि शाहरुख और उनकी टीम दीवाली को भी एक अन्य विकल्प मान रही है। जबकि वहां पहले से अजय देवगन की शिवाय और करन जौहर की ऐ दिल है मुश्किल मौजूद हैं। शाहरुख के लिए यहां भी पैर जमाना और टकराना आसान नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, संभव है कि शाहरुख अपने दोस्त करन जौहर से अपनी फिल्म की जगह उन्हें देने को कहें।

ऐसे में अजय देवगन के साथ उनकी पुरानी प्रतिद्वंद्विता फिर उभर आएगी क्योंकि अजय अपनी फिल्म को लेकर बहुत महत्वाकांक्षी हैं। वह खुद इसे डायरेक्ट कर रहे हैं। इन तमाम स्थितियों को देखते हुए साफ है कि शाहरुख के सामने रईस को सुरक्षित तारीख पर रिलीज कराना चुनौती से कम नहीं है।

विश्लेषकों के अनुसार शाहरुख जिस मुकाम पर हैं, वहां बात सिर्फ धन की नहीं है। आज जब सिनेमा बदल रहा है और कम बजट में खूबसूरत फिल्में बन रही हैं, शाहरुख जैसे सितारों की मोटे बजट की भव्य फिल्म फ्लॉप होने या उसे नकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलने से उनकी प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचता है। शाहरुख को नए सिरे से करिअर की योजना बनाने का समय है।

नए लड़के तेजी से आ रहे हैं और शाहरुख की उम्र बढ़ रही है। इसमें संदेह नहीं कि एनआरआई भारतीयों के लिए बनने वाली फिल्मों का दौर बीत चुका है। विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए बने सिनेमा ने शाहरुख को सुपर सितारा बनाया था। आज भारत की जमीन का सिनेमा दर्शकों के दिल को छू रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें