शाहिद कपूर को एक हिट फिल्म की सख्त जरूरत है। एक अरसा हो गया है, वे बॉक्स ऑफिस पर अपना सिक्का नहीं जमा पाए हैं। उनकी आखिरी हिट फिल्म थी 'बदमाश कंपनी'।
हालांकि यह फिल्म भी बड़ी हिट नहीं थी। इसके बाद उन्होंने अपने पिता पंकज कपूर के निर्देशन में मौसम जैसी फिल्म में काम किया।
इस फिल्म से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं। बॉलीवुड में भी जिज्ञासा थी कि बाप के निर्देशन में बेटा कितना आगे बढ़ पाता है।
इस फिल्म को शाहिद ने लगभग दो साल दिए, लेकिन परिणाम शून्य निकला। यह फिल्म घाटे का सौदा साबित हुई। फिल्म की तारीफ तो हुई लेकिन दर्शक नहीं मिले।
शाहिद अवसाद में डूब गए। इसके बाद रिलीज हुई फिल्म 'तेरी मेरी कहानी'। इसे भी दर्शकों ने हरी झंडी नहीं दिखाई।
अब शाहिद की समझ में नहीं आ रहा था कि आगे की राह कैसे तय की जाए? तभी उन्हें राजकुमार संतोषी ने याद किया और अपनी नई फिल्म 'फटा पोस्टर निकला हीरो' में लीड भूमिका सौंप दी। शाहिद की जान में जान आई।
खैर, अब तो इस फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है। शाहिद को पूरी उम्मीद है कि 'फटा पोस्टर निकला हीरो' के बाद उनका कैरियर उसी तरह आगे बढ़ेगा। जैसे 'जब वी मेट' की रिलीज के बाद वे छा गए थे।
शाहिद स्वीकार करते हैं कि नए एक्टरों से उन्हें भरपूर चुनौती मिल रही है। उनका तो यहां तक कहना है कि वे कई एक्टरों की परफॉरमेंस से जलते भी हैं। उन्हें बार बार लगता है कि काश अनुराग वसु की फिल्म 'बरफी' में वे होते।
यहां तक कि 'पान सिंह तोमर' के किरदार के बारे में भी वे कुछ ऐसा ही सोचते हैं। फटा पोस्टर निकला हीरो के अलावा शाहिद के हाथ में एक और महत्वपूर्ण फिल्म है 'रैंबो राजकुमार'। इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं प्रभुदेवा। उनके चाहने वालों को भी उम्मीद है कि इस बार शाहिद की गाड़ी चल निकलेगी।