संजय लीला भंसाली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
संजय लीला भंसाली की फिल्ममेकिंग उनके दौर के निर्माता निर्देशकों से शुरू से अलग रही है। वह आलीशान सेट्स पर शानदार कॉस्ट्यूम्स के साथ भव्य दृश्य रचने में माहिर रहे हैं। लेकिन, उनकी पिछली फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ ने भी बहुत ज्यादा कोई मुनाफा नहीं कमाया। और, ये ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के कारोबार का गणित ही जो अब मुंबई में हर फिल्म स्टूडियो को पता चल गया है। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ को भले धुआंधार प्रचार के चलते लोगों ने हिट मान लिया हो लेकिन जिस मुनाफे की उम्मीद इसे सिनेमाघरों मे रिलीज करने वाली कंपनी लगाए बैठी थी, फिल्म ने उतना मुनाफा नहीं कमाया। अब फिल्म ‘बैजू बावरा’ का बजट 350 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि भंसाली की कंपनी इस आंकड़े को सही नहीं मानती लेकिन किसी भी फिल्म को हिट होने के लिए घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अपने बजट को दोगुना कमाना जरूरी है, ये अब हर फिल्म दर्शक जानने लगा है। इसी चक्कर में फिल्म ‘टाइगर 3’ को भी सुपरहिट फिल्म का तमगा अब तक नहीं मिल सका है।