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Rose Day: मधुबाला ने दिलीप कुमार को खत के साथ गुलाब भेजकर किया था मोहब्बत का इजहार, जानिए फिर क्या हुआ?

Sat, 07 Feb 2026 08:38 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Madhuabala And Dilip kumar: फरवरी का महीना है। इस महीने 07 तारीख से 14 तारीख को वैलेनटाइन वीक के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत आज रोज डे से हुई है। इस मौके पर हम आपको दिलीप कुमार और मधुबाला से जुड़ा दिलचस्प किस्सा सुना रहे हैं।
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मधुबाला और दिलीप कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज 07 फरवरी को 'रोज डे' के साथ वैलेनटाइन वीक शुरू हो गया है। कोई भी मौका हो, फिल्मी दुनिया में उससे जुड़े दिलचस्प किस्से सुनने को मिल जाएंगे। हालांकि, यह किस्सा न तो 'रोज डे' से संबंधित है, न ही वैलेनटाइन से। मगर, रोज यानी गुलाब का जिक्र जरूर है। मोहब्बत के इजहार के लिए गुलाब को सबसे सुंदर प्रतीक माना जाता है। मधुबाला ने भी यही मानकर दिलीप कुमार को गुलाब भेजा होगा। आगे क्या हुआ? पढ़िए पूरा किस्सा...

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दिलीप कुमार-मधुबाला - फोटो : इंस्टाग्राम
गुलाब से शुरू हुई मधुबाला-दिलीप कुमार की मोहब्बत
एक वक्त था जब इंडस्ट्री में मधुबाला और दिलीप कुमार की मोहब्बत के किस्से महका करते थे। कहा जाता है कि मधुबाला, दिलीप कुमार की प्रशंसक थी। फिर धीरे-धीरे वे उन्हें पसंद करने लगीं। एक-दूसरे के प्रति यह पसंद और आकर्षण देखते ही देखते दो-तरफा हो चला। दिलचस्प बात यह है कि इस मोहब्बत की शुरुआत गुलाब से हुई। मोहब्बत की शुरुआत तब हुई, जब दिलीप साहब ने मधुबाला का भेजा गुलाब कबूल किया। 

पत्र के साथ भेजा था गुलाब
मधुबाला ने जब पहली बार दिलीप कुमार को अपने सामने देखा तो उन्हें उनमें अपना संसार दिखा। दिलीप भी अविवाहित थे। मगर उन्हें यह अहसास नहीं था कि मधुबाला उन्हें मन ही मन चाहने लगी है। एक दिन उनके पास कोई आया और कहा कि मधुबालाजी ने यह पत्र और पैकेट दिया है। दिलीप ने पत्र पढ़ा उसमें लिखा था, 'आपको एक गुलाब का फूल भेज रही हूं। प्यार कबूल हो तो गुलाब अपने पास रखिए वरना इन्हीं हाथों वापस भेज दीजिए'। दिलीप कुमार ने वह फूल अपने पास रख लिया। इस तरह फिल्म के दो बेहतरीन सितारों का एक रोमांटिग सफर शुरू हुआ।
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मधुबाला - फोटो : सोशल मीडिया
मधुबाला के पिता की वजह से आईं दूरियां!
हालांकि, मोहब्बत का यह सफल आगे तक नहीं चल सका। बता दें कि मधुबाला और दिलीप कुमार की ने साल 1951 में आई फिल्म 'तराना' में पहली बार साथ काम किया। यहीं इनकी मुलाकात हुई थी। यहीं से इनकी नजदीकियां बढ़ीं। फिर साथ में तीन अन्य फिल्में कीं। दोनों का करीब नौ साल लंबा अफेयर चला था। मगर, इस रिश्ते को मानो किसी की नजर लग गई और दिलीप कुमार और मधुबाला अलग हो गए। दरअसल, मधुबाला का परिवार उन्हें आउटडोर शूंटिग की इजाजत नहीं दे रहा था। उनके पिता अताउल्ला खान की ही चली। कथित तौर पर मधुबाला के पिता को अपनी बेटी और दिलीप कुमार का रिश्ता भी पसंद नहीं था। माना जाता है कि अताउल्ला खान की वजह से दिलीप कुमार और मुधबाला अलग हो गए। 

दिलीप कुमार ने कहा था- 'उनसे हमेशा प्यार करूंगा'
हालांकि, मधुबाला की बहन मधुर बृजभूषण ने फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि दोनों के अलग होने की वजह एक कोर्ट केस था। 'नया दौर' नाम की फिल्म बन रही थी। मधुबाला के पिता ने शूटिंग की लोकेशन बदलने को कहा, जिसे बीआर चोपड़ा ने ठुकरा दिया था। दोनों का मामला कोर्ट तक पहुंचा। यहां दिलीप कुमार ने बीआर चोपड़ा का पक्ष लिया। इससे मधुबाला का दिल टूट गया। वे दिलीप कुमार से खफा हो गईं। दोनों के बीच दूरियां आ गई थीं। फिल्म 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग शुरू हो चुकी थी। कहा जाता है कि सेट पर दोनों एक-दूसरे से बात तक नहीं करते थे। हालांकि, इस फिल्म में दोनों के बीच जो दिखाई दी है वो महज अभिनय नहीं था, वो उनका इश्क था। मधुबाला को लेकर दिलीप कुमार ने कहा था- मैं उनसे हमेशा प्यार करूंगा'। 23 फरवरी 1969 को दिल की बीमारी की वजह से महज 36 साल की उम्र में मधुबाला ने दुनिया को अलविदा कह दिया। बात करें दिलीप कुमार की तो साल 2021 में उनका निधन हो गया।
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