अभिनेत्री रेणुका शहाणे 'स्टोरीज़ ऑन द नेक्स्ट पेज' की एक कहानी में 'सन शॉवर' में समलैंगिक किरदार निभाया था। रेणुका शहाणे कहती हैं, 'यह किरदार इतना संवेदनशील था कि मुझे इस किरदार से प्यार हो गया था। किसी ऐसे व्यक्ति से सॉरी बोलने की इच्छा होती है, जो उसका पहला प्यार था। वह भावना कुछ ऐसी है, जिसके लिए कोई अजनबी नहीं है। यदि आप प्यार में हैं तो व्यक्ति का लिंग मायने नहीं रखता।'
समलैंगिकता के मुद्दे पर अभिनेता मनोज बाजपेयी भी अपना विचार रख चुके हैं। मनोज बाजपेयी ने फिल्म अलीगढ़ में एक समलैंगिक व्यक्ति का किरदार निभाया था। मनोज बाजपेयी ने अमर उजाला को दिए अपने इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि जब बात प्रेम की आती है, तो उसमें ना तो आपका दखल होता है और ना ही हमारा दखल होता है। यह सिर्फ जननांग की नहीं,बल्कि भावनाओं की बात है, हमे उन भावनाओं का सम्मान और कद्र करना चाहिए तभी एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकेंगे।
समलैंगिकता जैसे मुद्दे को सपोर्ट करने के लिए इस विषय पर बनी फिल्मों का एक फेस्टिवल मुंबई में आयोजित होने जा रहा है फिल्म फेस्टिवल फेस्टिवल के दौरान 46 फिल्मों में से पांच फिल्में एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर) जैसे विषय पर बनी फिल्में भी शामिल की गई है। इन फिल्मों को पुरस्कृत किए जाने के साथ ही इन्हें बनाने वालों को नकद धनराशि भी दी जाएगी ताकि ऐसी फिल्मों का फिल्मों का अधिक से अधिक निर्माण हो सके। रेणुका शहाणे ने दो उपविजेताओं को एक एक लाख रुपये देने का एलान किया है।
7 जून से 11 जून तक चलने वाले कशिश मुंबई इंटरनेशनल क्वीर फिल्म फेस्टिवल फेस्टिवल के दौरान इस बार 6.50 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी वितरित की जाएगी। पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जाएंगे जिनमें बेस्ट नैरेटिव फीचर फिल्म, बेस्ट इंडियन नैरेटिव शॉर्ट फिल्म, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म, बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म, बेस्ट इंटरनेशनल नैरेटिव शॉर्ट फिल्म, बेस्ट स्क्रिप्ट आदि शामिल हैं।
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