फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रैप को संगीत की नई क्रांति मानते हैं रणवीर, बोले- 'रीमिक्स के दौर में ये है ताजगी का जरिया'

Wed, 21 Aug 2019 12:08 PM IST
shrilata biswas मुंबई डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Ranveer Singh - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की सुपरहिट फिल्म गली बॉय ने देश में अरसे से हाशिये पर पड़े हिप हॉप और रैप को मुख्यधारा में ला दिया है। गली बॉय से शुरू हुए इस ट्रेंड ने अपना असर पिछले लोकसभा चुनाव में भी दिखाया जब बीजेपी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए एक पूरा गाना ही फिल्म गली बॉय के गाने 'आजादी' पर बना डाला। फिर, आर्टिकल 15 और खानदानी शफाखाना जैसी फिल्मों में भी रैप के जरिए एक अलग संदेश देने की कोशिशें की गईं। तमाम बड़े उत्पादों के टीवी कमर्शियल भी रैप और हिप हॉप स्टाइल में ही बन रहे हैं।

विज्ञापन


रैप को आगे बढ़ाने के लिए अपना खुद का म्यूजिक लेबल इंकइंक बनाने वाले गली बॉय हीरो रणवीर सिंह मनोरंजन जगत में आए इस नए बदलाव से काफी खुश हैं। वह कहते हैं, 'हिंदुस्तानी रैप या कहें कि हिप हॉप का समय आ गया है और यह भारतीय संगीत का एक निहायत ही जरूरी धमाका रहा है। देश में संगीत के लिए ये एक दिलचस्प दौर है और घिसे पिटे गानों के रीमिक्स के दौर में रैप ताजगी प्रदान करने का एक बड़ा जरिया बन रहा है। हिंदुस्तानी रैप/हिप हॉप अब एक ढकी छुपी या बंद कमरों में होने वाली संगत नहीं है, बल्कि यह युवाओं की भाषा बन गई है।'

पढ़ें: घुटनों पर बैठकर रणवीर ने महिला को दिया गुलाब तो बदले में मिला Kiss, वीडियो हुआ वायरल
विज्ञापन
विज्ञापन


संगीत के क्षेत्र में नई सदी के इस सबसे बड़े बदलाव की वजह पूछे जाने पर रणवीर कहते हैं, 'भारत ने हमेशा से ही काफी शानदार और ओरिजनल कंटेंट तैयार किया है और यह समय रैप/हिप हॉप के उन कलाकारों का है, जिनकी कविता क्रांति की बात कर रही है। वे हमारी पीढ़ी के कवि हैं और युवा उन्हें सुन रहे हैं।' युवाओं की नई भाषा बन रही रैप इंडस्ट्री का ट्रेंडसेटर कहे जाने पर रणवीर इससे इंकार भी नहीं करते हैं, वह कहते हैं- 'मुझे फिल्में और इंडस्ट्री पसंद है। मैं इंडस्ट्री लीडर के साथ ही इंडस्ट्री का चैंपियन भी बनना चाहूंगा।'

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें