रणबीर कपूर की नजर इन दिनों अपने कैरियर और गर्लफ्रेंड कैटरीना कैफ के साथ किसी पर है तो वह है उनके पिता ऋषि कपूर की आत्मकथा। चार दशक फिल्म इंडस्ट्री में गुजारने वाले ऋषि कपूर इन दिनों आत्मकथा लिख रहे हैं, जिसमें वह जिंदगी के साठ वर्षों में छुपे राजों पर से पर्दा उठाएंगे।
अपनी आने वाली फिल्म ‘बेशर्म’ के सिलसिले में एक बातचीत के दौरान रणबीर ने बताया कि ऐक्टर होने के कारण उनकी दिलचस्पी हमेशा लोगों कि जिंदगी में रहती है और वे बहुत सारी आत्मकथाएं पढ़ते हैं। ये किताबें उन्हें प्रेरित करती हैं।
ऐसी कोई आत्मकथा जिसने रणबीर को वाकई प्रभावित किया हो? वह कहते हैं, ‘मैं फिल्मों से जुड़ा हूं इसलिए जिस किताब ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया वह है महान ऐक्टर मर्लिंन ब्रांडो की आत्मकथा ‘सांग्स माई मदर टॉट मी’।’ उन्होंने आगे बताया, ‘फिलहाल मैंने एक और रोचक किताब पढ़ी ‘द किंग ऑफ ऑइलः द सीक्रेट लाइफ ऑफ मार्क रिश’।
यह ऐसे आदमी की कहानी है जो कभी बहुत करप्ट था, उसे अमेरिका से यूरोप भागना पड़ा। लेकिन अंततः उसने खुद को कैसे बदला। अपने अंदाज में कैसे अपनी जिंदगी को बदला।’
रणबीर ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंन स्टीव जॉब्स, बराक ओबामा और आंद्रे अगासी की किताबें भी पढ़ी। इन दिनों रणबीर 1930 के दशक के महान अभिनेता एरल फ्लिन की आत्मकथा ‘माई विकेड, विकेड वेज’ पढ़ रहे हैं। जो उनसे अनुसार बहुत ही ईमानदारी से लिखी गई किताब है।
रणबीर ने बताया कि अब उन्हें इंतजार है पिताजी की आत्मकथा का। उन्होंने कहा, ‘पिताजी बहुत ही ईमानदार इंसान हैं। वह हिप्पोक्रेट नहीं हैं। जो दिल में होता है बोल देते हैं। मैं खुद नहीं जानता उनकी जिंदगी के बारे में। इसलिए मैं उनकी ऑटोग्राफा के बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।’
लेकिन जिंदगी के किसी मोड़ पर रणबीर अपनी कहानी लोगों के सामने लाएंगे? वह कहते हैं, ‘जिंदगी को लेकर हर इंसान का नजरिया अलग होता है। कोई चाहता है कि उसके जाने के बाद भी लोग उसकी जिंदगी के बारे में जानें, परंतु कुछ लोग ऐसा नहीं चाहते।
जहां तक मेरी बात है तो मैं शर्मीला इंसान हूं और मुझे नहीं पता कि मैं क्या अभी ईमानदारी से लिख पाऊंगा। शायद मैं अपनी निजी जिंदगी के राज कभी नहीं खोलना चाहूंगा।’