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राजपाल यादव चेक बाउंस मामला: सुप्रीम कोर्ट से एक्टर को सख्त आदेश, इतने करोड़ करने होंगे जमा; जानें नया अपडेट

Tue, 15 Sep 2026 05:05 PM IST
संदेश मेहरा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Rajpal Yadav Case: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। चेक बाउंस से जुड़े कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आखिरी मौका दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला।
 
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राजपाल यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अभिनेता राजपाल यादव ने चेक बाउंस से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए राजपाल यादव को आखिरी मौका दिया है। 
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अदालत ने दिए ये आदेश
  • अदालत ने राजपाल यादव को दो हफ्तों के अंदर एक ठोस भुगतान प्रस्ताव पेश करने को कहा है।
  • साथ ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया है।
  • चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने राजपाल यादव को फिलहाल सरेंडर करने से मिली छूट 5 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
  • मामले की अगली सुनवाई भी 5 अक्टूबर को होगी।

राजपाल यादव - फोटो : इंस्टाग्राम
कोर्ट ने क्यों दिया आखिरी मौका?
यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े चेक बाउंस मामलों का है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, साल 2010 में एक फिल्म के लिए राजपाल यादव को करीब 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई थी। इसके भुगतान के लिए 2013 में राजपाल यादव ने 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक दिए थे, लेकिन ये सभी चेक बाउंस हो गए।

शिकायत के अनुसार, 2012 में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी हुआ था। इसमें राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी ने ब्याज समेत करीब 11 करोड़ रुपये चुकाने की बात मानी थी।

सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव की ओर से वरिष्ठ वकील पीएस पटवालिया ने दो हफ्ते का समय मांगा। उन्होंने कहा कि राजपाल यादव 2 करोड़ रुपये जमा करेंगे, ताकि यह साबित हो सके कि वह भुगतान को लेकर गंभीर हैं। वकील ने यह भी बताया कि राजपाल यादव करीब साढ़े चार महीने जेल में रह चुके हैं और इंडस्ट्री में उनके दोस्त उनकी जमानत के लिए मदद कर रहे हैं।

राजपाल यादव - फोटो : सोशल मीडिया
कोर्ट ने जताई नाराजगी
  • सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के पिछले रवैये पर नाराजगी भी जताई।
  • अदालत ने कहा कि पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया गया है और उनके व्यवहार से भरोसा पैदा नहीं होता।
  • हालांकि, कोर्ट ने उन्हें आखिरी मौका देने का फैसला किया।
  • शिकायतकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा ने कहा कि उनकी चिंता सिर्फ बकाया पैसे को लेकर है, क्योंकि राजपाल यादव ने पहले किए गए वादों को पूरा नहीं किया है।
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राजपाल यादव - फोटो : इंस्टाग्राम
हाईकोर्ट ने सुनाई थी तीन महीने की सजा
इससे पहले 10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के कई मामलों में राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा था। कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने 1,894 दिनों यानी पांच साल से ज्यादा की देरी से दायर की गई याचिकाओं को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया था।

हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया था कि राजपाल यादव की ओर से पहले जमा किए गए करीब 2 करोड़ रुपये की रकम को बकाया राशि में एडजस्ट किया जाएगा। उन्हें ऊपरी अदालत का रुख करने का मौका देने के लिए सजा पर दो महीने तक रोक भी लगाई गई थी।

हाईकोर्ट ने अपने 108 पन्नों के फैसले में कहा था कि राजपाल यादव कई बार भुगतान को लेकर दिए गए अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहे। कोर्ट ने उनकी प्रोबेशन पर रिहाई की मांग भी खारिज कर दी थी।

अब सुप्रीम कोर्ट के सामने राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपये जमा करने और बकाया रकम चुकाने को लेकर ठोस प्रस्ताव पेश करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।

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