हाईकोर्ट ने सुनाई थी तीन महीने की सजा
इससे पहले 10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के कई मामलों में राजपाल यादव की सजा को बरकरार रखा था। कोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने 1,894 दिनों यानी पांच साल से ज्यादा की देरी से दायर की गई याचिकाओं को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया था।
हालांकि, कोर्ट ने यह साफ किया था कि राजपाल यादव की ओर से पहले जमा किए गए करीब 2 करोड़ रुपये की रकम को बकाया राशि में एडजस्ट किया जाएगा। उन्हें ऊपरी अदालत का रुख करने का मौका देने के लिए सजा पर दो महीने तक रोक भी लगाई गई थी।
हाईकोर्ट ने अपने 108 पन्नों के फैसले में कहा था कि राजपाल यादव कई बार भुगतान को लेकर दिए गए अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रहे। कोर्ट ने उनकी प्रोबेशन पर रिहाई की मांग भी खारिज कर दी थी।
अब सुप्रीम कोर्ट के सामने राजपाल यादव को 2 करोड़ रुपये जमा करने और बकाया रकम चुकाने को लेकर ठोस प्रस्ताव पेश करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
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