रील लाइफ से निकलकर रियल लाइफ में भले ही फिल्म स्टार सैफ अली खान और करीना कपूर कानूनन शादी के बंधन में बंध गए हों, मगर शरीयत के मुताबिक यह शादी मान्य नहीं है, क्योंकि शरीयत में निकाह करने के लिए पुरुष और महिला का मुसलमान होना जरूरी है। यदि करीना कपूर अपने धर्म पर कायम हैं तो यह शादी इस्लाम में जायज नहीं है।
बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी पर अभी शरई मुहर नहीं लगी है, जिससे शरीयत की तलवार उनकी शादी पर लटकी हुई है। दारुल उलूम के मुफ्ती राशिद कासमी के अनुसार, शरीयत में हुक्म दिया गया है कि शादी करने के लिए लड़का-लड़की का मुसलमान होना जरूरी है, इसके बाद ही शादी जायज होती है, ऐसे में अगर करीना कपूर अपने मजहब पर कायम हैं तो यह शादी जायज नहीं है।
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि हर मुसलमान के लिए जरूरी है कि वह किसी मुसलमान से ही शादी करे। मदरसा जामिया इमाम मोहम्मद अनवर शाह के वरिष्ठ मुफ्ती अरशद फारुखी का भी यह मत है कि अगर करीना कपूर ने इस्लाम कबूल नहीं किया है तो शरीयत के मुताबिक यह शादी नहीं मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में गैर मजहब में शादियों का चलन खतरनाक साबित हो सकता है।