'बंटवारा 1947' में नजर आने के बाद अब अभिनेत्री प्रीति जिंटा जल्द ही कुणाल खेमू के निर्देशन में बनी हिंदी एक्शन-कॉमेडी फिल्म 'वाइब' में नजर आने वाली हैं। ऐसे में वे जमकर टीम के साथ इस मूवी को प्रमोट करती हुए नजर आ रही हैं। ऐसे में एक्ट्रेस ने अपने परफॉर्मेंस और ऑन-स्क्रीन प्रेसेंस पर खुलकर बात की।
क्यों प्रीति जिंटा नहीं देखतीं अपनी ही फिल्में?
हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में प्रीति जिंटा ने कहा कि इतने समय के अनुभव के बाद भी खुद को स्क्रीन पर देखना उनके लिए आसान नहीं रहता है।
प्रीति ने कहा, 'मैं स्क्रीन पर खुद को कभी जज नहीं कर पाती हूं। मैं खुद को स्क्रीन पर नहीं देखती हूं। जब मेरी फिल्म पूरी हो जाती है तो मैं उसे नहीं देखती। मुझे बैठकर खुद को देखना बहुत अजीब लगता है। ऐसा नहीं है कि मैं फिल्म देखना नहीं चाहती, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाती। मुझे बार-बार लगता है कि मैं यह सीन और बेहतर कर सकती थी।'