न जाने कितने लोकगीत होली पर विशेष रूप से गाए-बजाए जाते थे। इन लोकगीतों में होली खेलने के साथ-साथ प्रेमी-प्रेमिका को भी केंद्र में रख चुटीले गीत गाए जाते थे।
राजस्थान का मशहूर एक लोकगीत "होली में उड़े रे गुलाल, म्हारा रंग केसरिया" ऐसा लोकगीत है जिसे सुनते ही आप अपने आपको गुनगुनाने और झूमने से रोक नहीं पाएगा।
यह लोकगीत उस समय के मनोरंजन के लिए थे जब फिल्मों में होली नदारद थी। लेकिन फिल्मों में होली के गीतों के आने के साथ लोकगीतों की जगह फिल्मी गीतों ने ले ली।
लोकगीतों को फिल्मी अंदाज में गाया जाने लगा। लोगों ने इसे भरपूर पंसद भी किया लेकिन वह असली लोकगीतों को भूलते चले गए और याद रह गए सिर्फ फिल्मी होली गीत।
होली के आज भी ऐसे मशहूर फिल्मी गीत हैं जो कि एक समय में लोकगीत के रूप में गाए जाते थे।
यह बात कम लोग ही जानते होंगे 'सिलसिला' फिल्म का मशहूर गीत "रंग बरसे, भीगे चुनर वाली" और 'बागबां' फिल्म का गीत "होली खेले रघुवीरा अवध में" भी लोकगीत ही है।
"रंग बरसे" को मशहूर कवि-लेखक और अमिताभ बच्चन के पिता डा. हरिवंश राय बच्चन ने लिखा था और इस गीत को अपनी आवाज दी थी अमिताभ बच्चन ने।
फिल्म 'मदर इंडिया' का मशहूर गीत जिसे सुनते ही मन गदगद हो जाता है, वह है, "होली आई रे कन्हाई रंग बरसे, सुना दे जरा बांसुरी..."
थोड़ा पीछे जाएँ तो फिल्म 'नदिया के पार' का गीत "जोगी जी वाह जोगी जी..." आज भी युवा दिलों में जीवित है।
अगर बात करें फिल्म 'आपकी कसम की' तो उसमें भी "जय-जय शिव शंकर" गीत भांग पीकर झूमने पर मजबूर कर देता है।
इसके अलावा होली पर कुछ विशेष गीत भी लिखे गए जिनका नाता लोकगीतों से तो नहीं था लेकिन होली से जरूर था और लोगों ने उन्हें खासा पसंद भी किया।
इतना ही नहीं कुछ सालों के भीतर बने होली के गीतों में इतना अधिक परिवर्तन दिखाई दिया कि उनमें भाषा भी आज के बोलचाल और आधुनिकता का पुट लिए हुए है।
अगर आपको याद हो अक्षय कुमार और प्रिंयका चोपड़ा पर फिल्माया गया 'वक्त' फिल्म का गीत "डू मी ए फेवर लेट्स प्ले होली" और मोहब्बतें फिल्म का गीत "सोनी-सोनी अंखियों वाली" इसी का उदाहरण है।
इसी कड़ी में फिल्म 'शोले' को कैसे भूल सकते हैं इसका गीत "होली के दिन दिल खिल जाते है, रंगों में रंग मिल जाते हैं..." इसके जुबान पर चढ़ने की खास वजह गांव के परिवेश में गाने का फिल्माना भी है।
कई और फिल्मों के मशहूर गीतों में फिल्म कटी पतंग' का "आज न छोड़ेगे, बस हमजोली खेलेंगे हम होली", 'देशद्रोही' का होली "खेलत नंदलाल, बनारस का रंग डालो फेंको गुलाल", 'आन' फिल्म का "खेलो रंग हमारे संग आज" खूब बजते हैं।
नवरंग' का "अरे जा रे हट नटखट", 'कोहिनूर' का "तन रंग लो जी आज मन रंग लो", 'गोदान' का "होली खेलत नंदलाल", 'फागुन' का "पिया संग खेलो होली", 'मशाल' का "होली आई रे", 'डर' का "अंग से अंग लगाना" आदि ऐसे गीत है जो होली के उत्साह को और बढ़ाते है।
इन सब गीतों की एक खास बात थी कि फिल्में हिट हो फ्लॉप पर होली पर फिल्माए गए गीत हिट ही रहे।