शुक्रवार को आयोजित कोटि कांता गयाना कार्यक्रम को लोगों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कार्यक्रम में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने राज्य भर के विभिन्न स्थानों पर छह क्लासिक कन्नड़ गीत गाए।
कर्नाटक में इन दिनों अपने 67वें राज्योत्सव की तैयारियां जोरों शोरों पर है। एक नवंबर को होने वाले इस उत्सव से पहले राज्य के कन्नड़ और संस्कृति विभाग ने राज्य स्थापना दिवस के मौके पर एक सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया। शुक्रवार को आयोजित कोटि कांता गयाना कार्यक्रम को लोगों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कार्यक्रम में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने राज्य भर के विभिन्न स्थानों पर छह क्लासिक कन्नड़ गीत गाए।
इस दौरान कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पूरे कर्नाटक में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने एक साथ गाना गाया। इस दौरान कन्नड़ भाषा और यहां की संस्कृति के प्रति लोगों के जुनून पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इसे एक विश्व रिकॉर्ड भी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल भी इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन इस बार इसमें व्यापक भागीदारी देखने को मिली है।
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इन छह कन्नड़ गीतों में कुवेम्पु द्वारा जय भारत जननिया तनुजाथे, हुयिलगोला नारायण राव के उदयवगली नम्मा चेलुवा कन्नड़ नाडु, चेन्नवीरा कानावी के विश्व विनुथना विद्या चेतना, कुवेम्पु के बारीसु कन्नड़ दिंडीमावा और डी के हचेवु कन्नड़दा दीपा थे। इस दौरान प्रसिद्ध कन्नड़ अभिनेता स्वर्गीय डॉक्टर राजकुमार द्वारा गाया गया 'हुट्टीदरे कन्नड़ नादल्ली हुट्टाबेकु, मेट्टिडारे कन्नड़ मन्ना मेट्टाबेकु' उन सभी में सबसे लोकप्रिय था।
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