नहीं मिला बोलने का मौका
गुनीत मोंगा ने कहा, मेरा भाषण काटे जाने से मैं बहुत निराश थी, मेरे लिए यह एक सदमा था। मैं बस इतना कहना चाहती थी कि भारतीय प्रोडक्शन में यह भारत का पहला ऑस्कर है, जो कि अपने आप में बहुत बड़ी बात है। मैं बहुत खुश थी, बोलना चाह रही थी, लेकिन बोलने नहीं दिया गया। लेकिन पश्चिमी मीडिया इस बात की खिंचाई कर रहा है कि मुझे बोलने का मौका नहीं मिला।
मैं वापस आऊंगी
गुनीत मोंगा ने आगे कहा, इस बात से लोग आहत हैं। सोशल मीडिया पर भी वीडियो और ट्वीट डाले गए हैं कि मुझे बोलने का मौका नहीं मिला। भारत के लिए यह खास पल था, जो कि मुझसे छीन लिया गया। लेकिन फिर, मैंने सोचा कि कोई बात नहीं, मैं यहां वापस आऊंगी और यह सुनिश्चित करूंगी कि मेरी बात सुनी जाए। मुझे अपने विचार साझा करने के कई अवसर मिले हैं और सभी का प्यार पाकर बहुत खुशी हो रही है।