रेसिज्म पर क्या बोले एक्टर?
नवाजुद्दीन ने कहा, ‘लोगों की अपनी सोच होती है, लेकिन उसे सिस्टम में मत डालिए। अगर कोई लड़की ऐसी है, तो वो लीड नहीं बन सकती, ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन इसमें उनकी भी गलती नहीं है, क्योंकि कहानियां ही ऐसी लिखी जाती हैं। गोरी लड़की के हिसाब से कहानियां बनाई जाती हैं। आपको एक ब्रीफ मिलता है और बहुत लोग इसी से जूझ रहे हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि खूबसूरती हर जगह अलग-अलग तरह से देखी जाती है और इन टैग्स से किसी एक्टर की काबिलियत तय नहीं होनी चाहिए।
इसी दौरान नवाजुद्दीन ने स्मिता पाटिल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें कैमरे पर उनसे ज्यादा खूबसूरत कोई नहीं लगा। उनके मुताबिक, कैमरे की अपनी एक अलग भाषा होती है, जिसमें असली खूबसूरती नजर आती है।