देश इस साल स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती मना रहा है। इस मौके पर उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘द लाइटः स्वामी विवेकानंद’ शुक्रवार को रिलीज हो रही है। स्वामीजी की भूमिका निभा रहे दीप भट्टाचार्य ने रवि बुले से खास बातचीत की।
हिंदी फिल्मों के दर्शकों के लिए आप नए हैं। वे आपके बारे में जानना चाहेंगे...।
मैं कोलकाता से हूं। दरअसल, हिंदी के साथ बांग्ला सिनेमा के दर्शकों के लिए भी मैं नया हूं। यह मेरी पहली फिल्म है। इससे पहले मैं आठ-दस साल से थियेटर करता रहा हूं। मैं खुश हूं कि एक साथ दो भाषाओं के दर्शक मुझे पहली फिल्म में देखेंगे। वैसे इस फिल्म को हम आगे तमिल, तेलुगु, मलयालम और उड़िया में भी डब करेंगे।
आपमें स्वामीजी (विवेकानंद) की छवि नजर आती है, लेकिन फिल्म में यह रोल कैसे मिला?
मैं कोलकाता के प्रसिद्ध स्टार थियेटर से जुड़ा हूं, लेकिन साथ में नौकरी भी करता हूं। एक शो में मुझे फिल्म के प्रोड्यूसर जगदीश मिश्रा ने देखा। उन्होंने डायरेक्टर टूटू (उत्पल) सिन्हा को मेरे बारे में बताया। मुझसे मुलाकात के बाद उन्हें लगा कि मैं स्वामीजी की तरह दिखता हूं। तब उन्होंने मुझसे इस बारे में बात की। मैं स्वामीजी का भक्त हूं, उनकी किताब मैंने बचपन से पढ़ी हैं, उनकी फिलॉसफी में मेरा विश्वास है। जब ये बातें उन्हें पता चली तो उन्होंने मुझे ये रोल ऑफर किया।
आपने खुद को इस रोल के लिए किस तरह तैयार किया?
जैसा कि मैंने बताया कि मैं स्वामीजी का मैं बचपन से भक्त रहा हूं, इसलिए मुझे उनका रोल प्ले करने के लिए बहुत मुश्किलें नहीं आईं। चूंकि मैं उनके जीवन और दर्शन के बारे में जानता था, खुद को उनके हिसाब से आसानी से ढाल लिया।
निर्देशक से कहीं कोई टकराव हुआ?
नहीं, मैं पूरी तरह से डायरेक्टर का ऐक्टर हूं। जैसा डायरेक्टर ने कहा, मैंने वैसा किया। हां, इतना जरूर है कि खुद को इस रोल के लिए मानसिक रूप से तैयार करना थोड़ा कठिन था, क्योंकि मैं ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभाने जा रहा था जो भारत माता के महानतम सपूतों में से एक हैं। युवाओं के हीरो हैं। मेरे हीरो हैं।
नरेंद्र मोदी इस फिल्म को देख चुके हैं और प्रशंसा कर रहे हैं। आपकी उनसे मुलाकात कैसी रही?
उन्होंने ढाई घंटे की यह फिल्म देखी और उसके बाद सबसे पहले पूछा कि दीप कौन है? मुझे देखकर उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथों में लिया और बधाई दी। उनकी आंखों में जो खुशी और चेहरे पर मुस्कान थी, वह मैं बयान नहीं कर सकता। उन्होंने हर किसी से फिल्म और मेरी तारीफ की। मुझे पूछा कि यह फिल्म कैसे मिली, मैंने कैसे रोल के लिए तैयारी की। फिल्म उन्होंने इतनी पसंद आई कि अपने राज्य गुजरात में इसे टैक्स फ्री कर दिया है।