मुंबई जो कभी बॉम्बे था, कई प्रतिष्ठित सिंगल स्क्रीन का जनक है। इन सिंगल स्क्रीन ने पुराने समय में कई बड़े प्रीमियर देखे हैं, और सिने प्रेमियों की यादों का सुनहरा हिस्सा है। हालांकि, पिछले कुछ सालों में मल्टीप्लेक्स ने सिंगल स्क्रीन व्यवसाय की जगह ले ली है। वहीं, मुंबई के चर्चगेट में स्थित इरोस सिनेमा, मुंबई के विक्टोरियन और आर्ट डेको एनसेंबल का एक हिस्सा था, जिसे साल 2018 में वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स की सूची में जोड़ा गया था। इरोस सिनेमा को तोड़ दिया गया है, जिससे सिनेमा के दीवानों को गहरी चोट पहुंची है। इस पर विवेक अग्निहोत्री समेत वीर दास दुख जाहिर करते नजर आए हैं।
कॉमेडियन वीर दास ने इरोस सिनेमा के तोड़े जाने पर दुख जाहिर करते हुए एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है, 'वहां रंग दे बसंती देखी। सीएनबीसी में नौकरी की थी, थिएटर से बाहर निकला, एक कलाकार होने का पूरा शॉट देने का फैसला किया और ऑडिशन देना शुरू कर दिया।' इससे पहले बॉलीवुड लेखक-संपादक अपूर्व असरानी ने इरोस सिनेमा की पुरानी तस्वीरों की एक सीरीज साझा करते हुए लिखा था, 'इरोस सिनेमा को टूटते हुए देखना दिल दहला देने वाला है। 1938 में बनाया गया यह साउथ बॉम्बे आर्ट डेको लैंडमार्क था, जहां जाने के लिए मैंने कॉलेज बंक किया था। यह वह जगह है जहां मैं अपनी पहली डेट पर गया था और जहां मेरी पहली फिल्म सत्या '98 में रिलीज हुई थी। दुख की बात है कि मुंबई अपनी विरासती इमारतों को संरक्षित नहीं कर सका।'
अपूर्व अग्निहोत्री के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने लिखा है, 'हर बार एक सिंगल-स्क्रीन थिएटर टूट जाता है, मेरे बचपन का एक टुकड़ा मर जाता है। मेरी चार फिल्में यहां रिलीज हुईं। सैकड़ों फिल्में देखीं, विशेष रूप से विश्व फिल्मों के मैटिनी शो। लेकिन फिर मैं व्यावहारिकता और व्यवहार्यता को भी समझता हूं। नॉस्टैल्जिया।'
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इरोस थिएटर उन सिंगल स्क्रीन में से एक है, जिसे साल 2017 में बंद कर दिया गया था। रिपोर्ट की मानें तो, जिस बिल्डिंग में थिएटर स्थित था उसे तोड़कर एक मॉल बनाया जा रहा है। इससे पहले चंदन सिनेमा, इंपीरियल सिनेमा, रॉयल सिनेमा, नोवेल्टी सिनेमा, ताज टॉकीज जैसे थिएटर्स बंद किए जा चुके हैं।