बॉलीवुड में पिछले कई हफ्तों में मी टू कैंपेन ने इतना जोर पकड़ा कि इसका असर मद्रास म्यूजिक अकेडमी पर भी साफ नजर आ रहा है। दरअसल, इस साल होने वाले मरगाजी इवेंट से सात आर्टिस्ट को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अकेडमी के प्रेसीडेंट ने बताया कि मीटू कैंपेन को देखते हुए यह अहम फैसला लिया गया है।
प्रेसीडेंड ने आगे बताया कि अकेडमी में ऐसे निष्पक्ष सदस्यों पर निर्णय लेने को कहा गया है, आगे कहा कि अकेडमी के सम्मान को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। हालांकि ये सातों कलाकार दोषी सिद्ध नहीं हुए हैं लेकिन अकेडमी के पास अधिकार है कि कौन कलाकर परफोर्म करेगा और कौन नहीं।'
न्यूज मिनट से बोलते हुए अकेडमी प्रेजीडेंट ने बताया कि इन सातों कलाकारों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं जिसकी वजह से इन्हें शो से निकाल दिया गया है। इन सात में एन रविकिरण, ओएस थैय्यागर्जन, मन्नारगुढ़ी ए एस्वारण, श्रीमुशानम वी राजा राव, नागई श्रीराम, आर रमेश और थिरूवरूर वैद्यानाथन जैसे कलाकारों का नाम शामिल है।
बता दें कि म्यूजिक अकेडमी ये फेस्टीवल दिसंबर में मनाती है जिसका नाम मरगाजी फेस्टीवल है। यह देश का सबसे लोकप्रिय वार्षिकोत्सव है। गौरतलब है फिल्म आशिक बनाया आपने की एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद से बॉलीवुड में बड़े-बड़े कलाकार मीटू कैंपेन की चपेट में आने लगे।
इसमें फिल्म क्वीन के डायरेक्टर विकास बहल, बॉलीवुड के संस्कारी बाबूजी कहे जाने वाले एक्टर आलोक नाथ पर प्रोड्यूसर विंटा नंदा ने यौन उत्पीड़न के आरोप मढ़े थे। वहीं, एक्टर रजत कपूर, गायक कैलाश खैर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, मशहूर डायरेक्टर सुभाष का नाम भी शामिल है।
बता दें कि तनुश्री को बॉलीवुड की कई एक्ट्रेस और एक्टर्स ने सपोर्ट किया था। मीटू को लेकर पूरा बॉलीवुड दो दढ़ों में बंट चुका था।