संजय का करियर संवारने के लिए एक एजेंसी की सेवाएं ली जा रही हैं
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मान्यता दत्त संजय दत्त की फिल्मों में वापसी का ब्लूप्रिंट तैयार करने में लगी हैं। उन्होंने साफ बता दिया है कि वह अपने पति को भविष्य में किस तरह पर्दे पर देखना चाहती हैं। उनके आदर्श हैं अमिताभ बच्चन।
आपको हम पहले ही बता चुके हैं कि मान्यता दत्त अपने पति संजय दत्त के नए कमबैक की पूरी योजना बना रही हैं। अब संजय को लेकर मान्यता का नया प्लान भी सामने आ गया है।
जिसमें उन्होंने संजय का करियर आगे बढ़ाने की रूपरेखा बनाई है। यूं तो संजय का करियर संवारने के लिए एक एजेंसी की सेवाएं ली जा रही हैं मगर मान्यता उसे दिशा-निर्देश दे रही हैं। सूत्रों की मानें तो मान्यता चाहती हैं कि संजय अमिताभ बच्चन के नक्शे-कदम पर बढ़ें।
उन्होंने एजेंसी से कहा है कि वह संजय के लिए ऐसे रोल तलाश करें जैसे अमिताभ को उनकी दूसरी फिल्मी पारी में मिले। संजय के करिअर और इमेज बिल्डिंग का काम निर्माता-व्यवयासी मधु मेंटाना की कंपनी क्वान को दिया गया है। जो कई बॉलीवुड सितारों के करिअर की डील करती है।
संजय को लेकर एक दर्जन से ज्यादा जमे हुए निर्माता-निर्देशकों ने योजना बनी रखी है
मान्यता का मानान है कि संजय को उम्र के हिसाब से रोल चुनने चाहिए
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संजय को लेकर एक दर्जन से ज्यादा जमे हुए निर्माता-निर्देशकों ने योजना बनी रखी है। कुछ से संजय और उनकी टीम मिल चुके हैं, कुछ को समय दिया गया है। मगर फैसले की बागडोर मान्यता ने संभाल रखी है।
उन्होंने ऐसी फिल्मों के लिए साफ मना कर दिया है जिनमें संजय को पारंपरिक ‘टोपोरी हीरोगिरी’ करते दिखाने की योजना थी। मान्यता का मानान है कि संजय को उम्र के हिसाब से रोल चुनने चाहिए और हीरोगिरी का मोह छोड़ना चाहिए। संजय 56 वर्ष के हो चुके हैं और उन्हें अमिताभ को अपना आदर्श बनाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अमिताभ ने हीरो के रूप में तूफान, लाल बादशाह, जादूगर, अजूबा और खुदा गवाह जैसी फिल्में पिटने के बाद 1992 में पचास साल की उम्र में फिल्मों से ब्रेक लिया था।
फिर सात-आठ साल बाद 57-58 की उम्र में मेजर साब और मोहब्बतें जैसी फिल्मों तथा टीवी पर कौन बनेगा करोड़पति से धमाकेदार नई शुरुआत की थी। तब से आज तक अमिताभ ने मुड़ कर नहीं देखा।
जेल से आजादी के बाद संजय
नई फिल्म आते-आते संजय भी 57 के हो ही जाएंगे
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उनकी लोकप्रियता तथा करियर नई ऊंचाई छू रहे हैं। नई फिल्म आते-आते संजय भी 57 के हो ही जाएंगे। इस हिसाब से मान्यता का गणित बिल्कुल ठीक है। संजय उनके कहे अनुसार ही चल रहे हैं।
मान्यता ने संजय को सलाह दी है कि वह पुराने मित्र निर्माता-निर्देशकों के बजाय नए-युवा निर्देशकों के साथ काम करें जो सिनेमा में नए-नए आइडिये ला रहे हैं।
पिछले महीने पुणे के येरवडा जेल से आजादी के बाद संजय फिलहाल अपनी आजादी का आनंद मना रहे हैं। दोस्तों-परिचितों से उनका मिलना जारी है।
एक हफ्ते घर में रहने के बाद उन्होंने अब बाहर पार्टियों, शादियों और समारोहों में जाना शुरू कर दिया है। रिहाई के बाद अभी तक आधिकारिक रूप से संजय की किसी फिल्म की घोषणा नहीं हुई। केवल अटकलें हैं।