आमिर के साथ होता था क्रिएटिव डिफरेंस
आमिर खान के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए मंसूर बताते हैं कि 'कयामत से कयामत तक' से लेकर 'जो जीता वही सिकंदर' तक उनका रिश्ता कैसे विकसित हुआ। उन्होंने बताया कि आमिर के साथ समय के साथ कॉन्फिडेंस बढ़ता गया, लेकिन मतभेद होना स्वाभाविक था। 'जो जीता वही सिकंदर' के दौरान ऐसा ही एक उदाहरण क्लाइमेक्स को लेकर था।
'एक दिन' में भी इसी तरह की सहयोगात्मक भावना देखने को मिली। मंसूर बताते हैं कि आमिर को क्लाइमेक्स सीन को लेकर कुछ आपत्तियां थीं। उन्होंने इसे दोबारा लिखा। पहले के मतभेदों के उलट इस बार टीम आमिर के नजरिये से सहमत हुई, जो एक क्रिएटिव डिफरेंस और बातचीत को दिखाता है।
एक गाने के सीक्वेंस को लेकर भी बहस छिड़ी, लेकिन मंसूर ने निर्देशक सुनील के नजरिये का समर्थन किया। आखिर में आमिर ने भी उनकी पसंद को माना। फिल्मी घराने से आने और इतनी सफल फिल्में बनाने के बावजूद मंसूर का कहना है कि दिल से मैं सिनेमा प्रेमी नहीं हूं। वह खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में मानते हैं, जिसने फिल्मों का निर्माण जुनून के बजाय ईमानदारी से किया।
1 मई को रिलीज होगी ‘एक दिन’
सुनील पांडे द्वारा निर्देशित आमिर खान प्रोडक्शंस की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'एक दिन' 1 मई को रिलीज होने के लिए तैयार है। यह 2016 की थाई ब्लॉकबस्टर 'वन डे' का ऑफिशियल रीमेक है। इसमें आमिर के बेटे जुनैद खान के साथ साई पल्लवी प्रमुख भूमिका में नजर आएंगी। साई इस फिल्म से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत कर रही हैं। कहानी जापान के सपोरो के मनमोहक दृश्यों के बीच एक अनोखी प्रेम कहानी के रूप में सामने आती है।