गुस्से पर क्या बोले एक्टर
इंटरव्यू के दौरान मनोज बाजपेयी ने कहा कि मैं शॉर्ट टेंपर हूं। मैं जिस तरह के बैकग्राउंड में बढ़ा हुआ था, मैं सबसे बड़ा बेटा था। 5-6 भाई बहनों के साथ सबसे बड़े बेटे के तौर पर यह बिल्कुल पिता जैसा बना देता है। बेटा चाहे 12 साल का हो, उसे जिम्मेदारियों का बोझ उठाना ही पड़ता है, चाहे उसे उन जिम्मेदारियों का एहसास कराया जाए या नहीं। वह निरीक्षण करता है और खुद समझता है। साथ ही चीजों को हासिल करने में समझदारी दिखाता है। उस समय गुस्सा मेरा बहुत स्ट्रांग इमोशन हुआ करता था। पिछले कुछ साल में इसमें कमी आई है।
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नेगेटिव रोल करने पर साझा किए विचार
अभिनेता ने अपने करियर की शुरुआत में नकारात्मक भूमिकाएं करने पर भी बात की और कहा कि यह सब आकस्मिक था। उन्होंने कहा कि जब मैं मुंबई गया तो मैं वहां खलनायक बनने नहीं गया था। मैं उस प्रोजेक्ट में एक अच्छा और सम्मानजनक रोल चाहता था, जिसमें मैं अपना काम दिखा सकूं। मैंने पहले 10 साल तक दिल्ली में थिएटर किया था और जब आप मुंबई आते हैं और निर्माता और निर्देशकों के दरवाजे खटखटाना शुरू करते हैं तो आपसे कोई नहीं पूछता कि आपने क्या किया है या आपने कितने समय के लिए थिएटर किया है।
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