किसी भी फिल्म के बारे में यह जानना काफी रोचक होता है कि शुरूआती दौर में उसके लिए क्या प्लानिंग की जा रही थी और अब पूरी होने के बाद उसकी शक्ल कैसी हो गई।
शुक्रवार को रिलीज हो रही फिल्म 'बेशरम' की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।
कम लोग जानते हैं कि इसे पहले कारनामा नाम से बनाया जा रहा था। लेकिन यह टाइटल रणबीर की इमेज और उनके निभाए किरदार के साथ ज्यादा मेल नहीं खा रहा था।
यही वजह है कि बाद में कारनामा को बदल दिया गया और फिल्म का शीर्षक बेशरम हो गया।
एक वक्त ऐसा भी आया था, जब 'बेशरम' का निर्माण अटकने की संभावना बन रही थी। फिल्म के बजट को लेकर दिक्कतें शुरू हो गई थीं।
पहले इस फिल्म को रिलायंस जैसी बड़ी कंपनी प्रोड्यूस करने जा रही थी, लेकिन बजट के बढ़ जाने से इस कंपनी ने अपने हाथ खींच लिए।
आखिरकार वायकॉम 18 ने इसका निर्माता बनने में रुचि दिखाई, तब जाकर निर्देशक अभिनव सिंह कश्यप की जान में जान आ पाई।
एक और रोचक बात कि इस फिल्म की हीरोइन पहले पल्लवी शारदा नहीं थीं, बल्कि ताप्सी पन्नू को रणबीर के अपोजिट कास्ट किया जा रहा था।
लेकिन ताप्सी के नखरे दिखाने के बाद पल्लवी की फिल्म में एंट्री हो गई। रणबीर के किरदार के बारे में उनके करीबी जनों का कहना है कि भले ही वे परदे पर कितने ही बेशर्म बने हों, लेकिन रियल लाइफ में वे अपने माता पिता से आंखें मिलाकर बात तक नहीं कर पाते हैं।
वे अपने से बड़ों का काफी लिहाज करते हैं। उल्लेखनीय है कि बेशरम नाम की एक फिल्म गुजरे जमाने के कॉमेडियन देवेन वर्मा भी बना चुके हैं।
इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और शर्मिला टैगोर ने लीड भूमिकाएं निभाई थीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई थी।