फिल्म की शूटिंग
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सबसे बड़ा निर्देश जो श्रमायुक्त कार्यालय ने जारी किया है वह ये है कि फिल्मांकन के समय संबंधित स्टूडियो में शूटिंग की जगह तक पहुंच के लिए किसी भी संगठन के पहचान पत्र को अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, ट्रेड यूनियनों द्वारा गठित सतर्कता टीमों की कोई कानूनी मान्यता नहीं है और अगर वे सेट में हस्तक्षेप करने की कोशिश करते हैं, तो इस बारे में तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करनी चाहिए। मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वालों का यहां सक्रिय यूनियनें आई कार्ड के नाम पर शोषण करती रही हैं और बिना कार्ड वाले लोगों के सेट पर पाए जाने पर शूटिंग बंद कराने के मामले भी सामने आते रहे हैं।