तेजाब (1988)
इस फिल्म में माधुरी दीक्षित ने मोहिनी का किरदार निभाया। निर्देशक एन चंद्रा की फिल्म ने माधुरी की किस्मत के सितारे पलट डाले। फिल्म सुपरहिट रही। अनिल कपूर के साथ उनकी जोड़ी बनी। फिल्म में माधुरी ने मोहिनी की भूमिका निभाई है, जो एक तड़ीपार मुन्ना से प्रेम करती है। 'तेजाब' का म्यूजिक सुपर हिट रहा और माधुरी पर फिल्माए गए गाने, एक दो तीन, ने कामयाबी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पहली बार माधुरी दीक्षित को बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमीनेशन इसी फिल्म में मिला। फिल्म तेजाब सिनेमाघरों में 50 हफ्तों से भी ज्यादा समय तक चली।
प्रेम प्रतिज्ञा (1989)
इस फिल्म में माधुरी दीक्षित लक्ष्मी बनीं। मिथुन चक्रवर्ती के साथ उन्होंने ऐसा रोल किया जो उनकी ग्लैमर इमेज से बिल्कुल अलग रहा। फिल्म के निर्देशक थे साउथ के मशहूर निर्देशक बापू। माधुरी ने इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर फीमेल पुरस्कार जीता और हिंदी सिनेमा में श्रीदेवी की नंबर वन की कुर्सी भी हथिया ली।
साजन (1991)
लॉरेंस डिसूजा की फिल्म 'साजन' में माधुरी ने पूजा का रोल निभाया। इस फिल्म माधुरी के साथ सलमान खान और संजय दत्त नजर आए। यह फिल्म सुपरहिट रही। इसी फिल्म से संजय और माधुरी की दोस्ती भी शुरू हुई। माधुरी को इस फिल्म के लिए फिल्फेयर बेस्ट एक्टर-फीमेल का नॉमीनेशन मिला।
बेटा (1992)
निर्देशक इंद्र कुमार की इस फिल्म में माधुरी दीक्षित ने अनिल कपूर के साथ काम किया। वे सरस्वती की भूमिका में नजर आईं। इस फिल्म में माधुरी ने एक आदर्श बहू और एक चतुर पत्नी का शानदार किरदार निभाया। अरुणा ईरानी और माधुरी के बीच पर्दे पर सास बहू की नोंक झोंक को लोगों ने खूब पसंद किया। यह फिल्म पांच फिल्मफेयर अवार्ड जीतने के साथ ही साल 1992 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बानी। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए माधुरी को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर – फीमेल का अवॉर्ड दिया गया।
खलनायक (1993)
निर्देशक सुभाष घई, जैकी श्रॉफ और संजय दत्त के साथ माधुरी को एक बार फिर काम करने का मौका मिला फिल्म खलनायक में। इस फिल्म में वे गंगोत्री बनी नजर आईं। खलनायक साल 1992 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। इसके साथ ही खलनायक 90 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चौथी फिल्म बनी। इस फिल्म के लिए भी माधुरी दीक्षित को बेस्ट फिल्मफेयर एक्ट्रेस के पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।
हम आपके हैं कौन (1994)
इस फिल्म में काम करने के बाद 90 के दशक के बच्चे माधुरी दीक्षित को निशा के रूप में ही जानने लगे। सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वे सलमान खान के अपोजिट नजर आईं। यह फिल्म तब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी। इस फिल्म ने उस साल पांच फिल्मफेयर अवार्ड जीते। इस बार भी माधुरी को फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर - फीमेल के अवॉर्ड से नवाजा गया।
मृत्युदंड (1997)
शबाना आजमी, माधुरी दीक्षित और ओम पुरी जैसे बेहतरीन अदाकारों से सजी और प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म 'मृत्युदंड' में माधुरी के शानदार अभिनय का जलवा देखने को मिला। महिला प्रधान मुद्दों पर बनी यह फिल्म बॉक्स आफिस पर सफल रही और इस फिल्म में केतकी का किरदार निभाने वाली माधुरी को बेस्ट एक्टर-फीमेल का स्क्रीन अवॉर्ड दिया गया।
दिल तो पागल है (1997)
इस फिल्म में उन्होंने पूजा का किरदार निभाया। यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी 'दिल तो पागल है' में माधुरी एक बार फिर शाहरुख खान के साथ नजर आई। माधुरी के साथ साथ इस फिल्म में करिश्मा कपूर भी थी। इस फिल्म ने कुल मिलाकर आठ फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते। शानदार अभिनय के लिए माधुरी को इस बार भी फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर-फीमेल अवार्ड मिला।
देवदास (2002)
शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास देवदास पर आधारित और संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित इस सुपरहिट फिल्म में एक बार फिर माधुरी और शाहरुख खान साथ नजर आए। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में माधुरी ने तवायफ चंद्रमुखी का रोल किया। पारो की भूमिका में ऐश्वर्या राय नजर आईं। 'देवदास' को कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया और 2003 में इस फिल्म को ऑस्कर के सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा कैटेगरी के लिए भी भारत से नामित किया गया। देवदास को पांच राष्ट्रीय पुरस्कारों सहित 11 फिल्मफेयर पुरस्कार मिले।
Superman Trailer: 'तुम्हारे फैसले और कर्म, यही बताते हैं कि असल में तुम कौन हो?' सुपरमैन का धांसू ट्रेलर आया