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'लुटेरा' मेरी सबसे बड़ी फिल्मः सोनाक्षी सिन्हा

Wed, 03 Jul 2013 05:44 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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100 करोड़ क्लब में शामिल रही कई फिल्मों का हिस्सा बन चुकीं सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म 'लुटेरा' शुक्रवार को रिलीज हो रही है। इस फिल्म को सोनाक्षी सिन्हा अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी फिल्म मान रही हैं।
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1950 के दौर की इस फिल्म में काम करना सोनाक्षी अपने लिए सबसे बड़ी चुनौती मानती हैं। अमर उजाला के साथ बात करते हुए सोनाक्षी सिन्हा ने इस फिल्म के अलावा अपने अब तक के कैरियर पर बात की। पेश है बातचीत के चुनिंदा अंश,

'लुटेरा' को आप अपने कैरियर की खास फिल्म बता रही हैं ऐसी क्या खासियत है?

फिल्म रिलीज होने के बाद इस फिल्म की खासियत आपको पता चल जाएगी। यह मेरी पहली पीरियड फिल्म है। यह फिल्म 1950 के बैकड्रॉप पर आधारित है इसलिए उस दौर को परदे पर उतारने में काफी कठिनाई हुई। मेरे कपड़े, मेकअप बाल से लेकर हर छोटी सी छोटी चीज पर ध्यान दिया गया। फिल्म लोकेशन तक पहुंचने में भी दिक्कतें पेश आती थी।
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कोलकाता से हर दिन हम दो से तीन घंटे ट्रेवल करके वर्धमान पहुंचते थे जहां इस फिल्म की शूटिंग हुई है। आठ से दस घंटे शूट करने के बाद फिर तीन घंटे का ट्रेवल कर वापस कोलकाता आते थे।

सिर्फ यही नहीं फिल्म की डलहौजी शूटिंग के दौरान बर्फबारी की वजह से काफी परेशानी उठानी पड़ी थी फिर रणवीर की पीठ के दर्द ने परेशान किया।

आपको अपने किरदार के लिए भी क्या कोई होमवर्क करना पड़ा?
 
सच कहूं तो मुङो कोई होमवर्क नहीं करना ही नहीं पड़ा है। विक्रम की टीम बहुत अच्छी है। मुङो सिर्फ सेट पर जाकर साड़ी पहननी होती थी और मैं फिल्म की पाखी बन जाती थी। विक्रम से बात कर लेती थी किरदार के इमोशन और उसके अप्स एंड डाउन को जानकर मैं एक्टिंग शुरु कर देती थी। वैसी भी मैँ होमवर्क नहीं करने में विश्वास करती हूं। 

आपसे पहले यह फिल्म विद्या बालन को ऑफर हुई थी?

मैं नहीं जानती कि ऑफर हुई थी या नहीं। जहां तक मुङो पता है विक्रमादित्य ने छह सात साल पहले चाहा था कि वह अपनी इस फिल्म को विद्या लेकर बनाएं लेकिन इस बीच 'उड़ान' बन गयी और यह फिल्म अटक गयी। 'उड़ान' के बाद फिर से काम शुरू हुआ। जब काम पूरा हो गया तो उन्हें लगा कि रणवीर और मैं इस फिल्म के लिए परफेक्ट हैं। वैसे सुनकर अच्छा लगता है कि विद्या जैसी अदाकारा इस फिल्म की पहली च्वाईस थी  

आप सलमान, अजय और अक्षय जैसे सुपरस्टार्स के साथ नजर आयी हैं। अब हमउम्र अभिनेता रणवीर सिंह के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

मुङो नहीं लगता काम करने के दौरान उम्र का कोई फर्क पड़ता है। हर एक्टर के साथ आपका अलग ही रैपो होता है। रणवीर का साथ इसलिए खास है कि हम दोनों ने एक ही साल अपनी शुरुआत की है और यह फिल्म जितनी रणवीर के कंधों पर है उतनी मेरे भी। काफी जिम्मेदारी का एहसास हो रहा है।

यह एक लवस्टोरी फिल्म है निजी जिंदगी में आपके लिए प्यार की क्या परिभाषा है?

हां 'लुटेरा' काफी अलग तरह की लवस्टोरी है। जहां तक मेरे प्यार की परिभाषा है तो परिभाषा तब बनेगी जब मुझे प्यार होगा। अभी वक्त काम करने का है।

यह एक पीरियड रोमांस है क्या आपको लगता है कि आज का दर्शक इस फिल्म से जुड़ पाएगा?

शुरुआत में जरूर डर लग रहा था कि यह काफी अलग हटकर फिल्म है। दर्शक इससे जुड़ पाएंगे या नहीं। लेकिन जिस तरह से प्रोमो को रिस्पांस मिला है उससे एक संतुष्टि मिली कि दर्शकों को यह फिल्म अच्छी लगेगी। हमें लगता है कि दर्शक इस पीरियड रोमांस को पसंद करेंगे।

आपकी इमेज गर्लनेक्स्ट डोर की है क्या वजह है कि आप हमेशा ग्लैमरस किरदारों से दूर रहती हूं। क्या आपको छोटे कपड़ो से ऐतराज है।

हां मुङो ऐतराज है। मैंने जब स्कूल कॉलेज में वैसे कपड़े नहीं पहने तो अब क्यों पहनूं। मैं खुश हूं कि निर्देशक भी मेरे पास ऐसी फिल्मों के ऑफर लेकर नहीं आते हैं। सबसे खुशी कि बात यह है कि मैं जैसी हूं वैसे ही दर्शकों को पसंद हूं। मेरी फिल्में ऐसी ही अच्छा कर रही हैं तो मैं क्यूं करूं वो सब जिसमे मुङो विश्वास नहीं है।

फिल्में चुनने का फैसला किसका होता है?

अपने सारे निर्णय लेने के लिए मैं स्वतंत्र हूं। लेकिन मेरे हर फैसले में मेरे परिवार की रजामंदी शामिल होती है। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जिनका इस इंडस्ट्री में एक लंबा अनुभव है ऐसे में मैं क्यों न उनकी सलाह लूं।

किस आधार पर फिल्मों का चुनाव करती हैं?

जब कोई निर्देशक फिल्म नरेशन के लिए आता है। तब मैं यह सोचती हूं कि क्या इस फिल्म को देखने के लिए मैं पैसे खर्च कर टिकट लूंगी। क्या इस सीन पर मैं सीटी या ताली बजाऊंगी। यदि मुझे लगता है कि मैं ऐसा करूंगी तो फिर मैं उस फिल्म के साथ जुड़ जाती हूं।
 
फिल्म रिलीज पर नर्वस होती हैं क्या?

नर्वस नहीं होती हूं लेकिन मैं सफलता पर भी ध्यान नहीं देती हूं। मेरे लिए फिल्म का मतलब शूटिंग का अनुभव होता है। क्या सीखा मैंने उस फिल्म से। किन नए लोगों से मिली। मैं फिल्म प्रोसेस को इंज्वॉय करती हूं।

विक्रमादित्य को कैसा निर्देशक मानती हैं?

विक्रमादित्य कमाल के डायरेक्ट है। बेहद अनुशासित है। न्यू एज डायरेक्टर है। क्रांतिकारी निर्देशक है। उन्हें फिल्म से जुड़ी हर छोटी बड़ी चीज की बहुत बारीकी से पहचान है।

क्या वजह रही जो आपने 'वेलकम' का सीक्वल छोड़ दिया।

मैं जिस फिल्म को साइन नहीं करती हूं उसके बारे में बात नहीं करती हूं।

लिंकअप की खबरों क्या आपको और आपके  परिवार को परेशान करती हैं।

मेरा परिवार इसी इंडस्ट्री से है। उन्हें पता है कि कैसे यहां झूठ को सच बनाया जाता है। वे जानते हैं कि अगर ऐसी बातें सच हैं तो उन्हें बाहर से नहीं पता चलेंगी मैं खुद ही सामने से उन्हें बताऊंगी। वैसे ऐसी बातें अब परेशान नहीं करती है क्योंकि जब आप सफल होते हैं तो लोग ऐसी बातें करते रहते हैं।
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