बॉलीवुड के भट्ट कैम्प की आने वाली फिल्म खामोशियां रिलीज होने से पहले ही चर्चा में है। कैम्प इससे मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में मदद करना चाहती है।
कैम्प के चीफ मुकेश भट्ट ने कहा है कि 'मैं सार्वजनिक दीवारों पर अपनी आने वाली फिल्म खामोशियां-साइलेंस हैव सीक्रेट्स के पोस्टर्स नहीं लगवाकर एक उदाहरण पेश करना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि इससे लोग फिल्म इंडस्ट्री का साथ देने के लिए उत्साहित होंगे और ये भारत को स्वच्छ रखने में एक अहम भूमिका निभाएगा।
वहीं फिल्म के निर्देशक विपुल शाह भी इसको लेकर सहमत हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें इस पर कम से कम 50 लाख रूपये खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन इस तरह का प्रमोशन कम बजट की फिल्मों के लिए काफी अच्छा रहता है।
फिल्म निर्माता रमेशा तौरानी और निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी गिल्ड के फैसले का स्वागत किया है। तौरानी ने कहा, 'हमें ये भी सुनिश्चित करना चाहिए कि राजनीतिक पार्टियों के पोस्टर्स भी दीवारों पर न लगें।