पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर गौरव तिवारी पर बनी सीरीज 'भय'
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इंडस्ट्री मुश्किल दौर से गुजर रही है
करण ने इंडस्ट्री की मौजूदा स्थिति पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री इस समय एक बड़े बदलाव और गिरावट के दौर से गुजर रही है। आगे क्या करना है, यह तय करना थोड़ा मुश्किल हो गया है क्योंकि हर कोई एक्सपेरिमेंट कर रहा है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘अब प्लेटफॉर्म्स भी एडवर्टाइजमेंट की तरफ जा रहे हैं, क्योंकि सब्सक्रिप्शन कम हो रहे हैं। पूरे सिस्टम में एक तरह की समस्या है। कंटेंट इतना ज्यादा हो गया है कि लोग कन्फ्यूज हैं और हर कोई फिर से शुरुआत करने की सोच रहा है।’
कंटेंट की भरमार से हो रहा नुकसान
करण का मानना है कि जरूरत से ज्यादा कंटेंट इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा, ‘आजकल इतना ज्यादा कंटेंट आ रहा है, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है। सिर्फ पीआर के जरिए यह दिखाया जाता है कि सब कुछ अच्छा चल रहा है, जबकि असलियत कुछ और है।’
भेदभाव पर क्या बोले करण?
हाल ही में करण सोशल मीडिया पर इंडस्ट्री में होने वाले भेदभाव को लेकर भी खुलकर बोल रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा, ‘यह सब मेरे अपने अनुभव से आता है। जैसे-जैसे आप इस इंडस्ट्री में आगे बढ़ते हैं, आपको इसकी कमियां साफ नजर आने लगती हैं। मैं बस वही कह रहा हूं जो सच है।’
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उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन इस सिस्टम में हर कोई बदलाव लाने से डरता है। लोग आपस में सच की बातें कर लेते हैं, लेकिन खुलकर बोलने से डरते हैं क्योंकि सबको अपनी नौकरी का डर रहता है।’
करण ने आखिर में कहा, ‘अगर हम सच्चाई से मुंह मोड़ते रहेंगे, तो हालात और खराब होते जाएंगे। आज हम अपनी नौकरी बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा भी वक्त आ सकता है जब हमारे पास नौकरी ही नहीं होगी।’