कहां से शुरू हुआ विवाद?
पुलिस जांच के अनुसार ये प्रेस कॉन्फ्रेंस 5 मई 2019 को पूजा बेदी के घर पर हुई थी। इसमें करण ओबेरॉय के खिलाफ रेप की शिकायत करने वाली महिला का नाम और दूसरी संवेदनशील जानकारी कथित तौर पर सबके सामने रखी गई। पुलिस का कहना है कि इस कॉन्फ्रेंस का वीडियो कई प्लेटफॉर्म पर फैल गया और आज भी ऑनलाइन उपलब्ध है। इसके बाद 26 फरवरी 2021 को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।
बचाव पक्ष ने दी थी ये दलील
अप्रैल 2022 में पूजा बेदी और बाकी आरोपियों ने सेशंस कोर्ट में अपील की थी। उनका कहना था कि सभी की मंशा एक जैसी नहीं थी और हर किसी ने पीड़िता की जानकारी उजागर नहीं की। उन्होंने दावा किया कि इसमें कोई 'साझा इरादा' या 'गलत मंशा' नहीं थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी और कहा कि ये बातें सुनवाई के दौरान साबित करने को कहा।