आप प्लीज मुझे कास्ट मत कीजिए
कानी ने बताया कि वे हिंदी ठीक से नहीं बोल पातीं, इसलिए जो रोल उन्हें ऑफर होते हैं, वे उन्हें निभा नहीं पाएंगी। उन्होंने कहा, ‘मैं खुद मेकर्स से कह देती हूं- आप प्लीज मुझे कास्ट मत कीजिए। ‘अस्सी’ में मेरा किरदार केरल से रखा गया, इसलिए मैं फिल्म कर पाई। वरना अगर किरदार उत्तर भारत का होता, तो मुझे काफी मुश्किल होती। मुझे डायलॉग समझने और याद करने में बहुत समय लग जाएगा। मैं हर मायने में खुद को एक सच्ची मलयाली मानती हूं। आज भी मैंमलयालम में ही सोचती हूं और अंग्रेजी बोलते समय भी मन ही मन ट्रांसलेट करना पड़ता है। मेरे लिए भाषा सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि संस्कृति और सोच से जुड़ी चीज है।’
मलयालम सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं कानी
बता दें कि कानी मलयालम सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। उन्होंने 2005 से 2007 के बीच त्रिशूर स्कूल ऑफ ड्रामा में थिएटर की पढ़ाई की और बाद में पेरिस में भी एक्टिंग की ट्रेनिंग की। उन्हें पहली बड़ी पहचान 2009 की फिल्म ‘केरल कैफे’ से मिली। 2010 में उन्होंने ‘शिक्कर’ में नक्सलाइट का किरदार निभाया, जिसमें सुपरस्टार मोहनलाल भी थे। इसी साल फिल्म ‘कॉकटेल’ में उनके दमदार एक्टिंग ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
बाद में फिल्म ‘बिरयानी’ के लिए उन्हें केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। हालांकि, असली वर्ल्डवाइड पहचान उन्हें ‘ऑल वी इमैजिन ऐज लाइट’ से मिली। वहीं, उनकी फिल्म ‘गर्ल्स विल बी गर्ल्स’ में भी उनकी एक्टिंग को लोगों ने काफी सराहा।