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कंगना रणावत ने कहा, 'फिलहाल मैं सिंगल हूं'

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खुशियों और गम का साथ हमेशा रहता है। इस बात की सच्चाई जाननी हो तो इन दिनों अभिनेत्री कंगना रनौत की बातों पर गौर करें। हाल में उन्हें फिल्म क्वीन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई है, मगर उनकी बातों में खुशियों के साथ गम की छाया भी है।
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जो उनकी बातें सुन रहा है उसे आश्चर्य हो रहा है कि कंगना के लिए इन खुशियों के पल में पुराने दिनों की कठिन यादें भी जिंदा हैं। कंगना ने मुश्किल रास्तों पर चल कर यह शानदार सफलता पाई है। मात्र 16 साल की उम्र में घर छोड़ कर वह फिल्मों में तब करिअर बनाने निकल पड़ी थीं, जब उनके घरवाले इसके सख्त खिलाफ थे। फिल्मों में आने पर भी उनसे कहा गया था कि वह परिवार के सरनेम का इस्तेमाल करना छोड़ दें।

कंगना रणावत ने दिल के राज खोले

पुरस्कारों की घोषणा के बाद मीडिया में दिए साक्षात्कारों में कंगना ने अपने दिल को खोल कर रख दिया है। उन्होंने कहा है कि एक वक्त ऐसा भी था जब इसी बॉलीवुड में उनके साथ लोग अच्छा व्यवहार नहीं करते थे, उन्हें अछूत मानते थे और उनसे दूर रहने को कहा जाता था। उनके बारे में भद्दी बातें कही जाती थीं।

कंगना के अनुसार, ‘तमाम दुर्व्यवहार के बावजूद मैंने कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं दिया।’ वह याद करती हैं, ‘मेरे बोलचाल के लहजे का यहां पर लोगों ने खूब मजाक उड़ाया। उन्होंने मेरे कपड़े पहनने के अंदाज की हंसी उड़ाई। यहां चूंकि जमे हुए परिवारों का बोलबाला है, इस बात के लिए मुझे सूली पर टांगने की कोशिश हुई कि मैं बाहर से आई हुई लड़की हूं। वह सब कुछ वाकई बहुत भयावह था।’

पुरस्कार समारोहों से दूर रहना ही उचित समझा

कंगना के शुरुआती दिन बहुत संघर्ष भरे रहे हैं। उनकी पहली फिल्म गैंगस्टर थी, जो आखिरी मौके पर एक हीरोइन के द्वारा छोड़ देने पर उनकी झोली में आई थी। इस फिल्म की रिलीज के बाद भी करीब साल भर तक इंडस्ट्री में किसी ने उन्हें काम नहीं दिया था।

उल्लेखनीय है कि इंडस्ट्री में काम करने वाले दिग्गजों के पुत्र-पुत्रियों के खराब फिल्मों और भूमिकाओं के लिए बेस्ट डेब्यू और बेस्ट ऐक्टर जैसे पुरस्कार देने वाले समारोहों में भी कंगना के शानदार काम को हमेशा नजरअंदाज किया जाता रहा। पुरस्कार समारोहों के पक्षपात के कारण कंगना सदा उनसे दूर रही हैं। आज इंडस्ट्री में कंगना को नौ बरस हो चुके हैं और उन्होंने अपनी प्रतिभा के अकेले दम पर दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया है।

अपनी फिल्मों के कारण ही मुंबई में रह सकी

कंगना को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद जब पुरानी बातें खूब याद आ रही हैं, तो सवाल यह भी है कि इन कठिन चुनौतियों ने क्या कभी उनके दिल को ठेस पहुंचाई? कंगना का जवाब है, ‘नहीं। मैं कठिन हालातों में सदा अपने आप पर काबू रखा। अब तो इनसे निपटना खूब अच्छे से सीख चुकी हूं।’

एक छोटे-से शहर से मायानगरी में पहचान बनाने वाली इस अभिनेत्री के अनुसार, ‘मुंबई एक बहुत ही महंगा शहर है और यहां जिंदा रहना आसान नहीं है। इसलिए मैंने यहां जो भी फिल्म मिली, उसमें काम किया।’ वह कहती हैं कि रास्कल्स, मिले ना मिले हम और डबल धमाल जैसी फिल्मों में काम करने का उन्हें कोई दुख नहीं है क्योंकि इन फिल्मों के कारण वह मुंबई में बनी रह सकीं और आज इस मुकाम पर है कि हर कोई उन्हें लेकर फिल्म बनाना चाहता है।
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ऋतिक पर बोलीं, ‘फिलहाल मैं सिंगल हूं।’

फिल्म इंडस्ट्री में हीरोइनों के नाम अक्सर किसी न किसी हीरो के साथ जुड़ते हैं और कंगना के साथ भी यह हुआ। शुरुआत में आदित्य पंचोली के साथ उनका नाम जुड़ा और फिर कहा गया कि अध्ययन सुमन उनकी जिंदगी में हैं। एकाध बार कंगना के विदेशी बॉयफ्रेंड की भी चर्चा हुई। परंतु कंगना इन मामलों में हमेशा चुप रहीं।

क्वीन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा से एक दिन पहले ही वह 28 बरस की हुई हैं। पिछले कुछ दिनों से उनका नाम ऋतिक रोशन जैसे सितारे के साथ जोड़ा जा रहा है। ऋतिक का पिछले साल पत्नी सुजैन से तलाक हो चुका है। ऋतिक से जुड़े सवालों पर कंगना का सिर्फ एक ही जवाब है, ‘फिलहाल मैं सिंगल हूं।’
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