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कंगना ने कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले विज्ञापन की आलोचना पर दी सफाई, नसीहत देते हुए बताया त्योहार का मतलब

Thu, 27 Aug 2026 12:26 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Kangana Ranaut: हाल ही में कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले विवादित विज्ञापन पर कंगना रनौत ने टिप्पणी की थी। अब उन्होंने अपनी टिप्पणी का बचाव किया है। उन्होंने त्योहार मनाने का असली मतलब भी बताया है।
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कंगना रनौत, कृति सेनन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कंगना रनौत ने कृति सेनन के विवादित रक्षाबंधन विज्ञापन की आलोचना पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी व्यक्ति विशेष के बारे में नहीं थी, बल्कि त्योहारों से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भ को लेकर थी। उनके मुताबिक भारतीय त्योहार संस्कृति और सभ्यता की अभिव्यक्ति हैं।
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कंगना ने एक विज्ञापन में कृति के पहनावे पर टिप्पणी करते हुए उसे अजीब बताया था। एक बातचीत में कंगना से कृति के विज्ञापन पर उनकी टिप्पणी, महिलाओं के कपड़ों के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने जवाब दिया है।

कंगना रनौत - फोटो : इंस्टाग्राम@kanganaranaut
कंगना ने पूछा था ये सवाल
कंगना ने पहले रक्षाबंधन कैंपेन में कृति के कपड़े पहनने के तरीके पर सवाल उठाया था। उन्होंने पूछा था कि जब किसी महिला के पास कपड़े चुनने के कई अन्य विकल्प मौजूद हैं, तो वह अपने भाई को राखी बांधते समय बिकिनी-स्टाइल का पहनावा क्यों चुनेगी?
बातचीत में कंगना से कृति के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें कहा गया था कि महिलाओं को यह तय करने की आजादी होनी चाहिए कि वे क्या पहनें। राहुल गांधी ने भी कहा था कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है या कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है।

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कंगना रनौत-कृति सेनन - फोटो : इंस्टाग्राम
अपने बचाव में क्या बोलीं कंगना?
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा...
  • उन्हें कुछ भी पहनने से कौन रोक रहा है, खासकर जब हम उन्हें ऐसी-ऐसी फिल्मों में देखते हैं? 
  • किसे परवाह है कि वे क्या पहनकर आती हैं? 
  • किसी की सोच इतनी बेवकूफी भरी कैसे हो सकती है? 
  • किसी भी सभ्यता की सौंदर्यपरक अभिव्यक्ति उसका त्योहार ही होता है। 
  • रक्षाबंधन एक धार्मिक और सभ्यतागत अभिव्यक्ति है। 
  • इसके अपने नियम हैं, ठीक वैसे ही जैसे पूजा-पाठ के नियम होते हैं।

त्योहार सिर्फ दिखावे के लिए नहीं होते
कंगना ने विज्ञापन को लेकर कहा 'हिंदुओं के लिए असली सवाल यह था कि माता-पिता कहां हैं? घर कहां है? वहां न तो हलवा-पूरी थी, न भगवान, न तिलक, न अक्षत, न अगरबत्ती और न ही दीया, कुछ भी नहीं था। त्योहार सिर्फ दिखावे या सुंदरता के बारे में नहीं होता। त्योहार किसी संस्कृति और सभ्यता की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति होता है।'
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कृति सेनन - फोटो : इंस्टाग्राम@kritisanon
कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर विवाद
कंगना की यह टिप्पणी तब आई जब उनका एक विज्ञापन चर्चा का विषय बन गया। एक विज्ञापन में वह अपने भाई और अपने पालतू कुत्ते को राखी बंध रही थीं। इस दौरान उन्होंने इंडो-वेस्टर्न स्टाइल में कपड़े पहने थे। आलोचकों ने खास तौर पर कृति के ड्रेस और विज्ञापन में त्योहार को दिखाए जाने के तरीके पर आपत्ति जताई। 
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने विज्ञापन को पवित्र परंपराओं का मजाक बताया, जबकि दूसरे ने राखी बांधते समय ब्रालेट पहनने के लिए कृति की आलोचना की।
इस विज्ञापन को बाद में हटा लिया गया।
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