बिना लिखे सुना दी कहानी
कमाल अमरोही बहुत ही बेहतरीन राइटर थे, इस बात में शक नहीं है। ऐसा ही एक किस्सा उनके शुरुआती करियर का है। जब सोहराब मोदी फिल्म बनाने वाले थे तो एक राइटर की तलाश में थे। उन्होंने कमाल को भी एक कहानी लेकर आने को कहा। कमाल, सोहराब के ऑफिस पहुंच गए। लेकिन उनके पास कहानी, स्क्रिप्ट नहीं थी। इसके बाजवूद उन्होंने एक डायरी सामने रखकर सोहराब मोदी को स्क्रिप्ट पढ़कर सुनाई। सोहराब को स्क्रिप्ट पसंद आई। उन्होंने कमाल से स्क्रिप्ट मांगी, जिसे वह डायरी से सुना रहे थे। लेकिन जब सोहराब मोदी ने डायरी देखी तो वह खाली थी। यह देखकर वह हैरान हुए, लेकिन उन्हें कमाल अमरोही के टैलेंट का पता चल गया। सोहराब मोदी ने उन्हें अपनी फिल्मों के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर साइन कर लिया।
जौन एलिया से नाता
कमाल अमरोही लेखक के तौर भी हिंदी सिनेमा में जाने गए। वह उम्दा गाने और कहानियां लिखते। कम ही लोग जानते हैं कि पाकिस्तान के राइटर जौन एलिया, कमाल अमरोही के कजिन हैं। इस तरह से कह सकते हैं कि शायरी और लिखने का हुनर उनके परिवार में हमेशा से मौजूद रहा।
मीना कुमारी से प्यार-शादी-तलाक
1953 में कमाल अमरोही ने कमाल पिक्चर्स प्रोडक्शन हाउस शुरू किया, इसके अलावा उनका एक और प्रोडक्शन हाउस कमालिस्तान स्टूडियो भी रहा। कमाल अमरोही ने बेहतरीन फिल्में बनाईं। साथ ही वह अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहे। कमाल अमेरोही और एक्ट्रेस मीना कुमारी के प्यार, शादी और तलाक तक की कहानी खबरों का हिस्सा रहीं। मीना कुमारी से शादी भी कमाल ने चुपचाप की थी, बाद में जब मीना के पिता को इस बात का पता लगा तो उन्होंने मीना को घर से चले जाने को कहा। इसके बाद मीना कुमारी और कमाल अमरोही साथ रहने लगे। लेकिन अपने गुस्से के लिए मशहूर कमाल अमरोही को मीना कुमारी का पति कहलाने में समस्या महसूस होती थी। एक किस्सा ऐसा ही मशहूर है। जब किसी इवेंट में उन्हें मीना कुमारी के पति के तौर पर मिलवाया गया, ऐसे में वह गुस्सा हो गए। इवेंट छोड़ दिया और कहा- ‘मैं मीना कुमारी का पति नहीं, कमाल अमरोही हूं और ये मेरी पत्नी मीना कुमारी हैं।’
फिल्म 'पाकीजा' का एक सीन, मीना कुमारी को सीन समझते हुए कमाल अमरोही
- फोटो : एक्स (ट्विटर)
18 साल में बनाई पाकीजा
फिल्म ‘पाकीजा’ बतौर डायरेक्टर कमाल अमरोही की बेहतरीन फिल्म है। इस फिल्म को बनने में लगभग 18 साल गए। साथ ही कमाल अमरोही का सारा पैसा इस फिल्म पर लग गया। फिल्म के बीच में मीना कुमारी, जो इस फिल्म की हीरोइन थी, बीमारी भी रहने लगीं। साथ ही कमाल और मीना कुमारी का तलाक भी हो चुका था। इसके बाद भी मीना कुमारी, कमाल अमरोही के एक बार कहने पर फिल्म के सेट पर पहुंचीं। एक-एक सीन शूट करने के लिए कमाल ने लाखों रुपये खर्च किए। फिल्म बाद में बहुत बड़ी हिट साबित हुई।
कमाल अमरोही की आखिरी ख्वाहिश
कमाल अमरोही ने मीना कुमारी के लिए ‘पाकीजा’ जैसी बेहतरीन फिल्म बनाई, मीना के मरने के बाद यह फिल्म खूब चली। लेकिन मीना कुमारी से कमाल अमरोही की शादी बहुत अच्छी नहीं रही, मीना की जिंदगी मुश्किलों से भरी रही। इसके बावजूद भी कमाल अमरोही की आखिरी ख्वाहिश थी कि उन्हें मरने के बाद मीना कुमारी की कब्र के पास ही दफनाया जाए। ऐसा किया भी गया, कमाल के गुजर जाने के बाद उन्हें मीना कुमारी के पास ही दफनाया गया।