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Janhit Mein Jaari Review: ये एक वूमनिया सब पर भारी है, नुसरत की फिल्म में परितोष, अनुद और विजय राज भी चमके

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जनहित में जारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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Movie Review
जनहित में जारी
कलाकार
नुसरत भरूचा , परितोष त्रिपाठी , अनुद सिंह ढाका और विजय राज आदि।
लेखक
राज शांडिल्य , जय बसंतू सिंह , राजन अग्रवाल और और सोनाली सिंह
निर्देशक
जय बसंतू सिंह
निर्माता
विनोद भानुशाली और राज शांडिल्य आदि।
रिलीज डेट
10 जून 2022
रेटिंग
4/5

फिल्म ‘जनहित में जारी’ हिंदी सिनेमा में मजबूती से उठाया गया एक सधा कदम है। सिनेमा और समाज का रिश्ता जोड़ती फिल्मों के लिए वैसे तो अभी तक आयुष्मान खुराना की ही बात होती रही है, लेकिन प्रयोगों की अति कर चुके आयुष्मान का सितारा जब थोड़ा फीका हो चला है तो उनकी बनाई लीक पर कदम रख दिया है अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने। देश के तमाम शहरों का दौरा कर आई फिल्म ‘जनहित में जारी’ की टीम गुरुवार को यहां मुंबई में फिल्म के प्रीमियर पर जुटी तो लोगों ने फिल्म खत्म होने के बाद खड़े होकर इस साहसिक कदम के लिए उन्हें खूब बधाई दी। ये एक तरह के नए सिनेमा का नए फिल्म निर्माता के साथ साथ उदय है। फिल्म ‘जनहित में जारी’ पूरी तरह से एक ऐसी हिंदी फिल्म है, जिसमें तकरीबन सारा काम मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बाहर से आए लोगों ने संभाला है। फिल्म का एक शुभ संकेत ये भी है कि निर्माता दमदार हो, नए लोगों पर दांव लगाने का दम रखता हो तो उसे कामयाबी मिलती है।

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जनहित में जारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आज के जमाने की युवती की कहानी फिल्म ‘जनहित में जारी’ में जारी की कहानी देश के किसी भी छोटे शहर की कहानी हो सकती है। पढ़ाई लिखाई करके एक अच्छी सी नौकरी करके अपने पैरों खड़े होने की चाहत रखने वाली लड़कियों को बाहरी दुनिया से दो दो हाथ करने से पहले घर में अपने मां-बाप से भिड़ना होता है जिनको अपनी बेटी को लेकर सिर्फ एक जिम्मेदारी समझ आती है और वह है जल्दी से जल्दी उसकी शादी कर देना। मनु की भी यही दुनिया है। वह पेट में तकिया लगाकर बस में सीट का जुगाड़ करती है और जानती है कि ये दुनिया चलती कैसे है। संयोग ऐसा बनता है कि उसे नौकरी की सख्त जरूरत है और जिस नौकरी में उसका चयन हुआ है, वह कंडोम बनाने वाली कंपनी है। उसे अब इस कंपनी के उत्पाद का प्रचार करना है जिसके लिए वह तमाम तरह के जुगाड़ भी ढूंढती रहती है। साथ में कहानी उसके मायके से लेकर ससुराल तक डोलती रहती है।

जनहित में जारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नुसरत भरूचा की नायाब अदाकारी नुसरत भरूचा का फिल्मी सफर लंबा रहा है। अब जाकर उन्हें भी लगने लगा है कि उनके अच्छे दिन आ रहे हैं। ऐसा लगना भी चाहिए क्योंकि जब निर्माता, निर्देशक किसी अभिनेत्री के भरोसे फिल्म बनाने का फैसला कर ले, तो ये किसी भी अभिनेत्री के लिए कम से कम हिंदी सिनेमा में बहुत बड़ी बात होती है। नुसरत भरूचा को ऐसे मौके इधर मिल भी खूब रहे हैं। अक्षय कुमार जैसे सितारों के साथ काम करने का मौका पा चुकीं, नुसरत को सिर्फ उनके कंधों पर टिकी फिल्में भी मिल रही हैं। फिल्म ‘जनहित में जारी’ एक तरह से उनकी ही शो रील है। पूरी फिल्म उन्होंने अपने कंधों पर उठा रखी है। फिल्म के पहले 30 मिनट कब गुजर गए, पता भी नहीं चलता और इन पहले 30 मिनट में पूरा कमाल सिर्फ नुसरत भरूचा का ही रहता है। कंडोम बेचने वाली लड़की का किरदार नुसरत ने जिस सहजता से निभाया है, उसके लिए वह वाकई पुरस्कार की हकदार हैं।

जनहित में जारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
परितोष, अनुद और विजय राज चमके फिल्म ‘जनहित में जारी’ में नुसरत भरूचा का साथ देने के लिए इसके निर्माताओं ने तमाम नए पुराने कलाकारों की टीम उतारी है। मोहल्ले की युवती को चाहने वाले देवी के किरदार में परितोष त्रिपाठी का काम सबसे शानदार रहा है। वह परदे पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। अनुद सिंह के लिए हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाने का ये शानदार मौका है। किस्मत है उनकी कि उन्हें एक ऐसी प्रयोगात्मक फिल्म में हीरो बनने का मौका मिला, जिसके लेखक और निर्माता कुछ नया करना चाहते हैं। और, विजय राज तो हैं ही कमाल। एक पारंपरिक परिवार के मुखिया के तौर पर वह प्रभावित करते हैं। जब वह बेटे को पीटने दौड़ते हैं तो दर्शकों को परिवार अपना सा लगता है और जब वह बहू को घर से निकालने की बात करते हैं, तो उनका रौब देखने लायक होता है।

जनहित में जारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
ऋषिकेश मुखर्जी की याद दिलाती फिल्म फिल्म के निर्देशन का जिम्मा है नए निर्देशक जय बसंतू सिंह के पास। मूल रूप से फिल्म संपादन में महारत रखने वाले जय बसंतू की गाड़ी इस फिल्म के बाद बतौर निर्देशक चल निकलने वाली है। फिल्म एडीटर से फिल्म डायरेक्टर बनने वालों का हिंदी सिनेमा में अच्छा इतिहास रहा है और जय बसंतू की ये फिल्म ऐसे ही एक उम्दा निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी के सिनेमा के काफी करीब है। फिल्म देखकर कई बार ऐसा लगता है कि न्यू मिलेनियल्स के लिए ये साल 2022 में ये ऋषिकेश मुखर्जी का ही नया सिनेमा है। जय बसंतू ने अपनी फिल्म के लिए फिल्म के लेखकों और इसकी तकनीकी टीम से भरपूर मदद पाई है।
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जनहित में जारी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
देखें कि न देखें.. अगर आपको सामाजिक मुद्दों पर बनी बेहतरीन कॉमेडी फिल्में पसंद रही हैं तो फिल्म ‘जनहित में जारी’ आपके लिए ही है। ये फिल्म तमाम मुद्दों पर सीधी चोट करती है लेकिन इसका  भी ध्यान रखती है कि ये सेक्स एजूकेशन पर बनी फिल्म बनकर न रह जाए। पुरुषों को उनकी जिम्मेदारी का बार बार एहसास कराने वाली ये फिल्म ऐसे हर मौके पर भले हंसी ले आती हो, लेकिन इन व्यंग्य के पीछे वह सोच भी साफ झलकती है जिसे नए जमाने की युवतियां कब का अपना चुकी हैं, पता नहीं उनके घरवालों को खबर हुई कि नहीं। फिल्म ‘जनहित में जारी’ इस वीकएंड आपकी विश लिस्ट में शामिल होने वाली फिल्म है, इसे देखिए ताकि हिंदी सिनेमा में ओरिजिनल कहानियां का परचम लहराता रहे और फिल्मी परिवारों के बाहर के लोग अपनी स्थिति इसी तरह हिंदी सिनेमा में मजबूत करते रहें।
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