सोनाक्षी सिन्हा मानती हैं कि उनका भारतीय लुक कभी भी उनके कैरियर में आड़े नहीं आएगा। सोनाक्षी के मुताबिक वह ग्लैमरस भूमिकाओं के लिए भी तैयार हैं।
फिल्म 'लुटेरा' की कामयाबी के बाद सोनाक्षी सिन्हा की खुशियों का ठिकाना नहीं है। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया है।
अब उन्हें इंतजार है फिल्म `वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' के रिलीज होने का। अपने लुक और हाव-भाव को सोनाक्षी अपने लिए बाधक नहीं मानती हैं। उनका कहना है कि जरूरत होने पर वह ग्लैमरस रोल भी कर लेंगी।
'लुटेरा' में ऐसा लगता है कि पाखी के अपने किरदार को आपने आत्मसात कर लिया था?
मैं इस फिल्म में अगर अच्छा अभिनय कर पाई हूं तो इसका श्रेय विक्रमादित्य मोटवाने और उनकी स्क्रिप्ट को जाता है। यह फिल्म मेरे लिए थोड़ी कठिन थी। एक साहित्यिक कहानी पर आधारित होने की वजह से इसके साथ मनमानी नहीं की जा सकती थी। कहानी का परिवेश भी पचास के दशक का था। मुझे मेकअप भी काफी कम करना था।
हमउम्र रणवीर सिंह के साथ आपकी जोड़ी को बहुत पसंद किया गया। दूसरी तरफ अक्षय कुमार, सलमान खान, अजय देवगन और सैफ भी आपके हीरो हैं?
यह तो मेरे लिए काफी अच्छा है। मुझे अपने सीनियर्स से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। सभी सीनियर्स का व्यवहार मेरे प्रति बहुत ही आत्मीय होता है। हां, यह सच है कि हमउम्र हीरोज के साथ काम करने का मजा कुछ अलग ही होता है।
आपको नहीं लगता है कि विशुद्ध भारतीय लुक आगे आपके लिए दिक्कत पैदा कर सकता है। आज ग्लैमरस हीरोइनों का दौर है?
किसने कह दिया कि मैं ग्लैमरस नहीं हूं। मेरी खूबसूरती देसी किस्म की है। मैं अल्ट्रा मॉडर्न बनने में यकीन नहीं करती हूं। मेरी जैसी हीरोइन के लिए भी यहां काम की कोई कमी नहीं है।
कहते हैं कि `वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' में आपका जास्मीन का किरदार 'राम तेरी गंगा मैली' फेम हीरोइन मंदाकिनी पर आधारित है?
मैंने इस फिल्म में जो किरदार निभाया है, वह स्क्रिप्ट के हिसाब से निभाया है। मुझे कभी भी निर्देशक मिलन जी ने नहीं बताया कि यह मंदाकिनी जी पर आधारित है।
'लुटेरा' की तरह ही 'वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा' भी एक पीरियड फिल्म है?
दोनों फिल्मों में जमीन-आसमान का फर्क है। 'वंस अपॉन... ' एक ऐसी गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें लव का तड़का है।