बता दें कि इन 45 फिल्मों में 10 फिल्में हिंदी भाषा की भी हैं, जिसमें 'द कश्मीर फाइल्स', 'थ्री ऑफ अस', 'मेजर', 'सिया' जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा तमिल और तेलुगू की चार फिल्में, दो बंगाली फिल्में, सात अंग्रेजी फिल्में, कन्नड़ और मलयालम की तीन फिल्में, मराठी की पांच और मैथिली, कोंकणी, मणिपुरी, संस्कृत, इरुला, उड़िया की एक-एक फिल्म का नाम चयनित किया गया है।
प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार फीचर फिल्म जूरी का नेतृत्व विनोद गनात्रा द्वारा किया गया। विनोद गनात्रा के अलावा पैनल में ए कार्तिक राजा, आनंद ज्योति, डॉ अनुराधा सिंह और शैलेश दवे शामिल समेत 12 सदस्य शामिल थे, जिन्होंने 'महानंदा', 'थ्री ऑफ अस', 'सिया', 'द स्टोरीटेलर', 'धाबरी कुरुवी', 'नानू कुसुमा', 'लोटस ब्लूम्स', 'सऊदी वेल्लाक्का', 'फ्रेम', 'शेर शिवराज', 'एकदा का ज़ाला', 'प्रतिक्षा', 'कुरंगु पेडल', 'किडा', 'सिनेमा बंदी' और 'कुधिराम बोस' जैसी फीचर फिल्मों का सिलेक्शन किया।
वहीं 'मेनस्ट्रीम सिनेमा सेक्शन' में साल की दो सबसे बड़ी हिट फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' और 'आरआरआर' के साथ-साथ 'टॉनिक, अखंड और धर्मवीर….मुक्कम पोस्ट ठाणे का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, नॉन-फीचर कैटेगरी की बात करें तो ओइनम डोरेन के साथ पैनल में चंद्रशेखर ए, हरीश भीमानी, मनीष सैनी और पी उमेश नाइक समेत छह सदस्यीय पैनल ने 'पाताल-टी', 'आयुष्मान', 'गुरुजाना', 'हतिबंधु', 'खजुराहो', 'आनंद और मुक्ति', 'विभजन की विभीष्का उनकही कहानियां', 'छू मेड ना यूल मेड', 'बिफोर आई डाई', 'मध्यांतर', 'वाग्रो', 'वीतिलेक्कू', 'बियॉन्ड' जैसी फिल्माें का चयन किया है।