दुनिया में जैसे जैसे फिल्म महोत्सवों का आयोजन फिर से शुरू हो रहा है। भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल को लेकर भी तैयारी शुरू होने लगी हैं। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने साफ किया है कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (इफ्फी) अपने तय समय पर ही होगा। हालांकि सीएम के इस बयान से विपक्ष नाखुश नजर आ रहा है।
इफ्फी केंद्र सरकार का एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय सरकारी फिल्म फेस्टिवल है जिसमें दुनिया भर के फिल्म निर्माता और निर्देशक शामिल होते हैं। इसमें इनकी फिल्मों को पुरस्कृत भी किया जाता है। इस साल कोरोना वायरस से फैली अव्यवस्था के बाद दुनियाभर के लगभग सभी फिल्म महोत्सवों को अब तक टाला ही जाता रहा है। लेकिन, जैसे फुटबॉल मैचों के बाद क्रिकेट मैच हो रहे हैं और दुबई में आईपीएल की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, इसी क्रम में गोवा फिल्म फेस्टिवल को लेकर भी समां बंधने लगा है।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इसी क्रम में कहा है कि यह फेस्टिवल अपने तय समय 20 नवंबर से 28 नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव को संपन्न किए जाने के दौरान सूचना एवं संचार विभाग की तरफ से जारी किए गए सभी दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा जिससे कोरोना वायरस जैसी बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
मुख्यमंत्री का यह बयान विपक्ष के नेता दिगंबर कामत को बिल्कुल पसंद नहीं आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर विरोध जाहिर करते हुए सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस समय देश कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है इसलिए राज्य की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाए।
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