हिंदी सिनेमा के नए निर्देशकों की फिल्मों में रिश्तों की न तो नई और अनोखी परतें दिखती हैं और न ही त्योहारों के तरकश से निकले तराने। संयुक्त परिवारों के बिखरने की तरह ही हिंदी सिनेमा में भी रिश्ते और त्योहार भी बिखरने लगे हैं। लेकिन, एक जमाना ऐसा भी था जब फिल्म निर्माता और निर्देशक अपनी फिल्मों में कोई न कोई त्योहार गीत रखने की जुगत निकालते थे और इन त्योहारों में सबसे पहला नंबर आता है होली का।
हिंदी सिनेमा में होली को लेकर जिस गाने का सबसे पहले जिक्र आता है वह आजादी के पहले रिलीज हुई फिल्म औरत का गाना। साल 1940 में रिलीज हुई निर्देशक महबूब खान की इस फिल्म में अनिल बिस्वास के संगीतबद्ध गाने 'आज होली खेलेंगे साजन के संग' और 'जमुना तट श्याम खेले होरी' हिंदी सिनेमा के पहले होली गीत माने जाते हैं। इसी फिल्म को बाद में महबूब खान ने मदर इंडिया के नाम से बनाया और उस फिल्म में भी रखा होली का सदाबहार गाना, 'होली आई रे कन्हाई रंग छलके, बजा दे जरा बांसुरी'।