कहानी ने छोड़ा गहरा असर
हरभजन ने आगे लिखा, ‘एक पुलिस अधिकारी का काम निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करना। खालरा की हिम्मत ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाए। यह हमें याद दिलाता है कि सत्ता का गलत इस्तेमाल पीढ़ियों तक दर्द छोड़ सकता है।’
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की कई मांएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं और कई परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं।
सच कभी दबा नहीं रह सकता
अपने नोट के अंत में हरभजन सिंह ने लिखा, ‘कई परिवार आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। सच कभी हमेशा के लिए दबा नहीं रह सकता। हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा की कहानी दुनिया के सामने लाकर शानदार काम किया है। उनकी हिम्मत को याद रखा जाना चाहिए।’
फिल्म की कहानी और स्टार कास्ट
‘सतलुज’, जिसका पहले नाम ‘पंजाब 95’ था, हाल ही में जी5 पर रिलीज हुई है। यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है। जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी से प्रेरित यह फिल्म पंजाब के एक मुश्किल दौर में उनके न्याय की लड़ाई को दिखाती है।
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फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कनवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यन भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।