पत्रकारिता से किया फिल्मों का रुख
बीआर चोपड़ा ने अपनी पढ़ाई-लिखाई लुधियाना यूनिवर्सिटी से पूरी की। एमए की डिग्री लेने के बाद उन्होंने बतौर फिल्मी पत्रकार अपने करियर की शुरुआत की। कहा जाता है कि 1944 के दौर में बलदेव राज चोपड़ा ने पत्रकारिता में खूब उपलब्धियां हासिल कीं। सफल करियर के बाद भी बीआर चोपड़ा मन ही मन फिल्ममेकर बनने का ख्वाब बुन रहे थे। अपने ख्वाब को हकीकत में तब्दील करने के लिए उन्होंने साल 1947 में दिल्ली का रुख किया। फिर वह आगे बढ़ते चलें और मायानगरी मुंबई पहुंच गए।
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विदेशी फिल्ममेकर के आरोप का शानदार जवाब
बीआर चोपड़ा को अपने सफल करियर के लिए काफी संघर्ष भी करना पड़ा था। फिल्ममेकर का एक किस्सा काफी मशहूर है। जानकारी है कि एक विदेशी फिल्ममेकर ने बीआर चोपड़ा का मजाक उड़ाते हुए कहा था, 'तुम हिंदी वाले सिनेमा के बारे में क्या जानते हो? तुम्हें सिनेमा के नाम पर सिर्फ नाचना और गाना आता है।' बीआर चोपड़ा की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म विदेशी फिल्ममेकर के इस तंज का जवाब बताई जाती है।
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बीआर चोपड़ा ने इंडस्ट्री को दी शानदार फिल्में
'महाभारत' का निर्माण कर रचा इतिहास
बतौर पत्रकार और बतौर फिल्मफेकर सफलता का स्वाद चख चुके बीआर चोपड़ा ने टीवी सीरियल बनाने का फैसला किया। छोटे पर्दे का रुख करने पर बीआर चोपड़ा को काफी ट्रोल भी किया गया। हालांकि, उन्होंने इन ट्रोल्स को साइड करते हुए मैथालॉजिकल शो 'महाभारत' का निर्माण कर इतिहास रच दिया।