गोविंदा 1990 के दशक के सबसे ज्यादा काम करने वाले सितारों में से एक हैं। वह अक्सर एक ही समय में कई फिल्मों की शूटिंग करते थे। हाल ही में उन्होंने 'द कपिल शर्मा शो' पर बताया कि लगातार काम करने की रफ्तार की उन्हें कितनी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे मुश्किल समय में, दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार ने अपनी एक सलाह से उनकी जान बचाई।
अस्पताल में भर्ती हुए गोविंदा
गोविंदा ने शो में बताया कि उनके काम के थकाने वाले शेड्यूल की वजह से उन्हें आखिरकार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जब दिलीप कुमार को यह खबर मिली, तो उन्होंने खुद फोन करके उनका हालचाल पूछा। 'हीरो नंबर 1' अभिनेता ने उस बातचीत को याद करते हुए कहा, 'एक दिन, मैं अस्पताल में भर्ती था और उन्होंने (दिलीप कुमार) मुझे फोन किया।' जब दिलीप कुमार ने पूछा कि उनकी सेहत इतनी खराब क्यों हो गई, तो गोविंदा ने कहा 'सर, मैं पिछले 15 दिनों से बिना रुके काम कर रहा हूं।'
गोविंदा, दिलीप कुमार
- फोटो : आईएमडीबी, दिलीप कुमार
दिलीप कुमार ने गोविंदा को दी सलाह
इस पर दिलीप कुमार ने कहा कि अगर वह इसी रफ्तार से काम करते रहे, तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे। दिलीप कुमार ने उन्हें सलाह दी कि वह उन 25 फिल्मों को छोड़ दें, जिनके लिए उन्होंने पहले ही हामी भर दी थी। 'हसीना मान जाएगी' अभिनेता की सबसे पहली चिंता पैसों को लेकर थी। उन्होंने उन प्रोजेक्ट्स के लिए पहले ही एडवांस ले लिया था। दिलीप कुमार ने इसका समाधान भी बताया। उन्होंने गोविंदा को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताया जो उन्हें पैसे वापस करने के लिए कर्ज दे सकता था।
दिलीप कुमार
- फोटो : X
दिलीप कुमार की वजह से बचे गोविंदा
गोविंदा ने कहा 'तो मैंने 25 फिल्में छोड़ दीं। मैं आज जिंदा हूं, तो सिर्फ उसी वजह से।' उन्होंने आगे बताया 'मैं दिलीप कुमार की वजह से ही बच पाया।'
गोविंदा की मशहूर फिल्में
1986 में 'लव 86' से डेब्यू करने के बाद, गोविंदा ने 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक में लगातार कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। उनकी फिल्मों में 'राजा बाबू' (1994), 'कुली नंबर 1' (1995), 'हीरो नंबर 1' (1997), 'दूल्हे राजा' (1998), और 'बड़े मियां छोटे मियां' (1998) शामिल हैं। वह आखिरी बार फिल्म 'रंगीला राजा' में शक्ति कपूर के साथ नजर आए थे। यह 2019 में रिलीज हुई थी।