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Bhupen Hazarika: गायक और संगीतकार भूपेंन हजारिका को गूगल ने किया याद, खास डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि

Thu, 08 Sep 2022 01:21 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

कई गानों में अपनी आवाज का जादू चलाने वाले महान गायक भूपेंन हजारिका की आज 96वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस मौके पर गूगल ने उन्हें खास तरीके से डूडल बनाकर याद किया है।
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भूपेन हजारिका - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भूपेंन हजारिका पॉपुलर प्लेबैक सिंगर और फिल्ममेकर में से एक थे। गूगल ने आज भूपेंन हजारिका के 96वें जन्मदिन के मौके पर उनको डूडल बनाकर खास श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुंबई की गेस्ट आर्टिस्ट रुतुजा माली द्वारा चित्रित डूडल में दिवंगत संगीतकार को हारमोनियम बजाते हुए दिखाया गया है। भूपेंन हजारिका ने सैकड़ों फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया था साथ ही साथ तमाम गानों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। उनको कविताओं, रचनाओं और कुछ मशहूर असमिया फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है। खासतौर से उनका गाना 'दिल हुम-हुम करे' और 'गंगा तू-ओ गंगा बहती है क्यों', बहुत मशहूर हैं।

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महज 10 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत करने वाले भूपेंन हजारिका आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। महज 12 साल की उम्र में ही उन्होंने दो फिल्मों के लिए गाने लिख दिए थे और उन्हें रिकॉर्ड भी किया था। वह दोनों गाने दो फिल्मों- इंद्रमालती: काक्सोट कोलोसी लोई और बिसवो बिजोई नौजवान में फिल्माए गए थे। समय के साथ, हजारिका ने कई गीत रचे, कई धुनें बनाईं साथ ही कई गानों को अपनी आवाज भी दी।

भूपेंन हजारिका ने 1946 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की थी। इसके बाद 1952 में कोलंबिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री ली थी। हजारिका ने संगीत में अपना बेहतरीन योगदान दिया था। इसके लिए उनको संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, दादा साहब फाल्के पुरस्कार, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।
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भूपेन हजारिका को मरणोपरांत 2019 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है। 
 
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