फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के चक्कर में हमारी तो शादियां तक नहीं हो रही

Mon, 13 Jun 2016 03:40 PM IST
रवि प्रकाश/बीबीसी
विज्ञापन
- फोटो : bbc
विज्ञापन
'उडता पंजाब' को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी के बाद अब अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर-3' के विरोध की पटकथा लिखी जा रही है। झारखंड के धनबाद जिले के वासेपुर कस्बे के लोगों ने इसके विरोध का फैसला किया है। लोगों का मानना है कि फिल्म पहले के दोनों पार्ट में वासेपुर की गलत छवि दिखाई गई है जिसके कारण वहां के लोगों की बदनामी हुई है।
विज्ञापन


वार्ड काउंसलर निसार आलम का कहना है कि 2012 में इस फिल्म के पहले पार्ट के आने के बाद वासेपुर में अपराध का ग्राफ बढ गया। वो बताते हैं कि अब लोग वासेपुर में अपनी बेटियों की शादी करने से कतरा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वासेपुर के ही जीशान कादरी अपने स्वार्थ के लिए यहां की गलत तस्वीर पेश कर रहे हैं, जबकि वासेपुर के सामाजिक ताना बाना में कौमी एकता की मिठास है। वो कहते हैं कि कई दूसरी अच्छी बातें भी हैं, जिन्हें शोकेस किया जा सकता था। कादरी फिल्म के सह पटकथा लेखक हैं।
विज्ञापन


बकौल निसार आलम, "इस कस्बे के लोग आईएएस, आईआईटी इंजीनियर, डॉक्टर और पुलिस में बडे अधिकारी हैं। फिल्म तो इन खूबियों पर भी बनाई जा सकती है।"
Trending Videos
विज्ञापन

होटल के कमरे के लिए भी बहाना बना दिया

- फोटो : bbc
वासेपुर की आरा मोड कालोनी के निवासी रुस्तम अंसारी ने बताया कि कोलकाता में उन्हें होटल वालों ने सिर्फ इसलिए कमरा नहीं दिया क्योंकि वे वासेपुर से हैं। ऐसा अनुभव दूसरे ग्रामीणों का भी है। लोगों ने बताया कि होटल वाले रेसिडेंशल प्रूफ देखते ही कमरों के बुक्ड होने का बहाना बना देते हैं।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के धनबाद जिलाध्यक्ष बबलू फरीदी मानते हैं कि इस फिल्म के कारण वासेपुर के युवाओं पर गलत असर पड रहा है और इसलिए फिल्म के पार्ट-3 का विरोध होगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए कानूनी लडाई भी लडी जाएगी।
पिछले दिनों जीशान कादरी वासेपुर में बढ रहे क्राइम ग्राफ का अध्ययन करने यहां आए थे।

उन्होंने मीडिया को कहा, "हमने गैंग्स ऑफ वासेपुर के पहले दो पार्ट में साल 2002 तक की कहानी बताई थी। तीसरे पार्ट में हम 2003 से 2015 की कहानी बताने वाले हैं। फिल्म की स्क्रीप्टिंग का काम पूरा हो चुका है। शूटिंग भी चल रही है। हम इसे अक्टूबर तक पूरी कर लेंगे। इस साल के अंत तक फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज कर दी जाएगी।"

जीशान ने कहा कि फिल्म को फिल्म की तरह ही लेना चाहिए और इसका विरोध करने वाले लोग सस्ती लोकप्रियता के फेर में ऐसा कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें