सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को सरेंडर करने के लिए चार सप्ताह की मोहलत दी है। हालांकि उन्होंने 6 महीने का समय मांगा था। अब यह सवाल मौजू है कि क्या संजय दत्त के लिए चार सप्ताह का समय पर्याप्त होगा।
संजय दत्त को 18 अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर करना था। जिस समय संजय दत्त की सजा का आदेश आया था उस समय वह तीन फिल्मों में पूरी तरह से व्यस्त थे। उनकी मुख्य भूमिका वाली फिल्म 'पुलिसगीरी' की शूटिंग आधी ही हुई थी।
सजा सुनाए जाने के समय संजय दत्त राजकुमार हिरानी की फिल्म 'पीके' का कुछ हिस्सा शूट कर चुके थे। अपूर्व लाखिया की फिल्म 'जंजीर' के पोस्ट प्रोडक्शन का काम अभी बाकी था।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा चार सप्ताह की मिली मोहलत के बाद संजय दत्त 'पुलिसगीरी' की बची हुई शूटिंग के साथ डबिंग का भी काम कर लेंगे। वह इस फिल्म का प्रमोशन भी कर सकते हैं।
अपूर्व लाखिया की फिल्म 'जंजीर' में जो हिस्से संजय दत्त पर फिल्माए जाने थे वह हिस्से शूट हो गए थे। इस फिल्म की डबिंग का कुछ काम बाकी रह गया था। संजय अब इस फिल्म का प्रमोशन भी कर सकते हैं।
राजकुमार हिरानी की फिल्म 'पीके' की शूटिंग को संजय दत्त के लिए प्रीप्लान किया गया था। अब इस फिल्म की शूटिंग थोड़े आराम से हो सकेगी।
इन तीन फिल्मों के एंगल से अगर देखें तो छूट माफी की यह अवधि संजय दत्त से ज्यादा उन फिल्मकारों के लिए राहत का विषय है जिनकी फिल्में अंतिम दौर में हैं।
कोर्ट के इस फैसले के बाद संजय दत्त को 15 मई के बाद ही सेरेंडर करना होगा ऐसे में वह आसानी से इन फिल्मों की शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन का काम कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट मामले में गैरकानूनी शस्त्र रखने के आरोप में संजय दत्त को यह सजा सुनायी है।