CBFC denies certification to Prakash Jha’s Lipstick Under My Burkha as it is ‘lady oriented’
प्रकाश झा की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' के भारत में रिलीज होने के रास्ते साफ हो गए हैं। एफसीएटी (फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण) ने सेंसर बोर्ड से कहा है कि इस फिल्म को ए सर्टिफिकेट दे दिया जाए। बता दें कि फिल्म के सेक्शुअल सीन के चलते सेंसर बोर्ड ने इसे सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था।
एफसीएटी के अनुसार, फिल्म के गाली वाले और अंतरंग सीन कहानी का अभिन्न हिस्सा हैं। कुछ सीन कट करने के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट देने को कहा गया है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बैन करते हुए कहा था कि इसमें महिलाओं को गलत तरह से दिखाया गया है। इससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
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सीबीएफसी के फैसले के बाद फिल्म निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव और निर्माता प्रकाश झा ने एफसीएटी में अपील दाखिल की थी। उनका कहना है कि फिल्म चार महिलाओं की जिंदगी पर आधारित है। जो अपनी आकांक्षाओं, सपनों और इच्छाओं के आजादी की मांग करती हैं।
दिल्ली के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति मनमोहन सरीन की अध्यक्षता वाले एफसीएटी ने कहा कि सीबीएफसी ने महिला-केंद्रित फिल्म को प्रमाणपत्र नहीं देकर गलत दिशा में खुद को बढ़ाया है। फिल्म को ए सर्टिफिकेट देकर रिलीज किया जाना चाहिए।
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