बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना चुके एक्टर, डायरेक्टर और सिंगर फरहान अख्तर ने अपनी बेटी को एक खुला खत लिखा है। इसमें उन्होंने अपनी बेटी को कई सारी बातें लिखी हैं। साथ ही फरहान ने कई सवाल भी उठाए हैं। फरहान ने इस पत्र में अपनी बेटी को एक कविता के जरिए भारतीय समाज और उसकी मानसिकता के बारे में बताने की कोशिश की है। पत्र के जरिए उन्होंने रेप और यौन हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर बात रखी है। फरहान का मूल पत्र अंग्रेजी भाषा में है। फरहान ने पत्र की शुरुआत एक कविता के जरिए की है।
विज्ञापन
प्यारी बेटी,
मैं तुम्हें रेप या यौन हिंसा जैसे मुद्दे पर कुछ कैसे लिख सकता हूं? मेरा स्वभाव, एक पिता का स्वभाव है, सुरक्षा और पालन-पोषण के लिए, लेकिन यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें सामने आना चाहिए और बात करनी चाहिए।
तो प्यारी बेटी, मैं शुरुआत करता हूं एक कविता की कुछ लाइन्स से जो मैने अपनी टीम की एक जिंदादिल लॉयर की 2013 में हुई दर्दनाक हत्या के बाद लिखीं। तब तुम बहुत छोटी थीं, सिर्फ 12 साल की, और मैं बस चाहता था कि तुम मुस्कुराती रहो, डरो नहीं और अजेय रहो, जैसे तुम थीं। तब रेप की कोशिश करने, हत्या करने जैसे वीभत्स मुद्दों को उठाना मेरे लिए आसान नहीं था। अब तुम 16 की हो गई हो और मैं तुम्हारे मन में आने वाले सवालों को पढ़ सकता हूं। हां, वे सभी सवाल जो मेरे मन में भी आते हैं।
विज्ञापन
फरहान की कविता और खत
फरहान अख्तर
यह कैसा देश है जहां मैं रह रहा हूं?
जो उसके प्यार करने के अधिकार को छीन लेता है
उसके साथ एक लोहे की रॉड से बर्बर व्यवहार करता है
बेखौफ उसके साथ बलात्कार करता है,
क्या उसके आंसुओं के साथ न्याय होगा ?
…मैं अपनी बेटी को क्या बताऊं?
कि वह किसी भेड़ की तरह हलाल कर दिए जाने के लिए बड़ी हो रही हैं,
हमें बदलाव लाना होगा।
रीबूट(पुनः शुरुआत) , रिफॉर्म (सुधार), रिअरेंज (पुनर्व्यवस्थित)
और कभी हार नहीं माननी होगी।
कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारा सर कितना घूमता है
बस इस सवाल को पूछते रहिए
मैं यह किस देश में रह रहा हूं?
'मैं जानता हूं हमारा सर घूमेगा। मैं जानता हूं हमारे युवा दिमाग इस पर बहुत सोचते हैं कि हम महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। हमने कोशिश की है, जैसे माता-पिता करते हैं, तुम्हे समानता के बारे में सिखाने की, कि कभी भी लड़का और लड़की के बीच फर्क नहीं किया जाना चाहिए, कि तुम्हें चुनाव का अधिकार होना चाहिए; यहां तक कि अच्छे और बुरे तरीके से छुए जाने के बारे में भी। हमने विवाद खड़े किए हैं।'
'माता-पिता के तौर पर, हमने तुम्हे बताया है, यदि तुम किसी के द्वारा खुद को छुए जाने को लेकर सहज नहीं हो तो वह बुरी तरीके से छुआ जाना है, और तुम्हें किसी को भी इसकी इजाजत नहीं देनी चाहिए। तुम्हें उस शख्स से कहना चाहिए कि मुझे यह पसंद नहीं है। ऐसा मत सोचो कि क्योंकि तुम छोटी हो तो किसी को तुम्हारे साथ कुछ करने की अनुमति मिल गई है। मैंने तुमसे कहा है कि यदि तुम्हें यहां तक कि मुझसे भी हग करने का मन नहीं है तो मुझे भी तुम्हें छूना नहीं चाहिए। तुम्हारे शरीर पर सिर्फ तुम्हारा और तुम्हारा अधिकार है।'
'मुझे तुम्हारी फेसबुक पोस्ट से यह पता चलता है कि तुम इस दुनिया में उड़ने के लिए अपने पंख फैलाती हो, तुम परेशान होती हो और खींजती हो। मैं जो पहनना चाहती हूं, मैं वह क्यों नहीं पहन सकती? मैं अपनी पहचान का चुनाव क्यों नहीं कर सकती? मैं आजाद दुनिया में रहने के सही मायने में आजाद क्यों नहीं रह सकती?'
'हां, बॉलीवुड में भी एक पिता होने के नाते मैं अपने सर को रेत में नहीं धंसा सकता क्योंकि चारों ओर कुछ सच्चाइयां हैं। हम एक असुरक्षित, व्यापक तौर पर असमान दुनिया में रहते हैं। हमने तुमसे कभी नहीं कहा कि क्या मत पहनो या बाहर मत जाओ। अगर तुम नीले रंग के बाल रखना चाहो तो वह भी रख सकती हो। तुम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और होशपूर्ण महिला बनने जा रही हो। तुमने मुझे हमारी इंडस्ट्री द्वारा बनाई जा रही फिल्मों के बारे में ताया है, कि किस तरह कभी-कभी स्त्रियों को किसी चीज की तरह दिखाया जाता है और मैं हमेशा जवाब तलाशता रहता हूं। मुझे तुमसे महिलाओं और लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर बात करके अच्छा लगता है।'
तुमने और मैने हमेशा से खुलकर इस बारे में बात की है। हमने हमेशा बातचीत के महत्व को समझा है। जब तुम बाहर जाती हो तो मुझे भी बाकी पिताओं की तरह तुम्हारी चिंता होती है। पर सभी पिताओं की तरह, मैं चाहता हूं कि एक बात तुम हमेशा याद रखो, मैं तुम्हारे एक मित्र की तरह हूं। तुम्हें हमेशा अपने सपनों के पीछे दौड़ना और आजादी से जिंदगी जीना। और हां सुरक्षित रहना। तुम जानती हो कि सुरक्षित क्या है। तेज बनो और अपने आप पर काबू रखो।
और यह सवाल हमेशा अपने आप से पूछते रहना,
यह कैसा देश है जहां मैं रह रहा हूं।
मैं तुम्हें समझता हूं प्यारी बेटी
तुम्हारा क्रोध, तु्म्हारे आश्चर्य
मानव की खाल में जानवर के बारे में तुम्हारा भ्रम
मै हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा हूं, प्यारी बच्ची,
-
तुम्हारा पिता